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Kannauj News: अवैध बायोडीजल पंप पर छापा, नोजल व भूमिगत टैंक सील
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सौरिख। परौर मार्ग पर ग्राम ईजलपुर में संचालित एक अवैध बायोडीजल पंप पर बुधवार को जिला आपूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ने टीम के साथ छापा मारा। पंप पर वैध लाइसेंस न होने के कारण टीम ने पंप के नोजल और भूमिगत टैंक को सील कर दिया।
छापेमारी के दौरान डीएसओ राजीव मिश्रा ने पूर्ति निरीक्षक तिर्वा, पेट्रोलियम अनुभाग के प्रभारी लिपिक और विधिक माप विभाग के निरीक्षक के साथ ग्राम ईजलपुर स्थित बायोडीजल पंप का निरीक्षण किया। पंप संचालक अजीत, जो परौर निवासी हैं, निरीक्षण के समय उपस्थित मिले। उनके पास पंप संचालन से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस या आवश्यक अभिलेख नहीं थे।
इस गंभीर अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने भूमिगत टैंक से डीजल और पेट्रोल के नमूने लिए। इसके अतिरिक्त, पंप पर लगे दो नोजल और भूमिगत टैंक से जुड़े चार पाइपों को सील कर दिया गया। अजीत को अग्रिम आदेश तक पेट्रोलियम पदार्थ की बिक्री न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि संचालक बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री कर रहा था। इस तरह के अवैध संचालन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलने का खतरा रहता है। इस कार्रवाई से ऐसे अवैध धंधों पर अंकुश लगाने की उम्मीद है।
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छापेमारी के दौरान डीएसओ राजीव मिश्रा ने पूर्ति निरीक्षक तिर्वा, पेट्रोलियम अनुभाग के प्रभारी लिपिक और विधिक माप विभाग के निरीक्षक के साथ ग्राम ईजलपुर स्थित बायोडीजल पंप का निरीक्षण किया। पंप संचालक अजीत, जो परौर निवासी हैं, निरीक्षण के समय उपस्थित मिले। उनके पास पंप संचालन से संबंधित कोई भी वैध लाइसेंस या आवश्यक अभिलेख नहीं थे।
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इस गंभीर अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, टीम ने भूमिगत टैंक से डीजल और पेट्रोल के नमूने लिए। इसके अतिरिक्त, पंप पर लगे दो नोजल और भूमिगत टैंक से जुड़े चार पाइपों को सील कर दिया गया। अजीत को अग्रिम आदेश तक पेट्रोलियम पदार्थ की बिक्री न करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि संचालक बिना किसी सरकारी अनुमति के अवैध तरीके से पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री कर रहा था। इस तरह के अवैध संचालन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि उपभोक्ताओं को भी मिलावटी या घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलने का खतरा रहता है। इस कार्रवाई से ऐसे अवैध धंधों पर अंकुश लगाने की उम्मीद है।