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Kannauj News: बारूद के ढेर पर होटल-रेस्टोरेंट, सुरक्षा मानकों की अनदेखी

Thu, 25 Jun 2026 11:53 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jun 2026 11:53 PM IST
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Hotels and restaurants sitting on a powder keg; safety standards ignored.
कन्नौज। इत्रनगरी की संकरी गलियों और रिहायशी इलाकों में चल रहे होटल और रेस्टोरेंट आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में संचालित 110 होटलों में से 50 से अधिक ऐसे हैं जिनमें आग से बचाव के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अग्निशमन विभाग द्वारा नोटिस जारी करने के बाद भी होटल संचालक बेफिक्र हैं और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी भी इस मामले पर गहरी नींद सो रहे हैं।
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हाल ही में अग्निशमन विभाग की टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया था। इस जांच में जो हकीकत सामने आई, वह बेहद डरावनी है। 50 होटलों में फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), अलार्म सिस्टम या आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) जैसी बुनियादी सुविधाएं तक गायब मिलीं। कई होटलों की इमारतें इतनी संकरी गलियों में बनी हैं कि यदि कोई बड़ा हादसा हो जाए तो वहां दमकल की गाड़ियों का पहुंचना और लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना नामुमकिन होगा।
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नोटिस की समय-सीमा बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा न तो किसी होटल को सील किया गया और न ही कोई भारी जुर्माना लगाया गया। तिर्वा, छिबरामऊ, गुरसहायगंज, सौरिख समेत कई कस्बों में अवैध रूप से होटल, रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं, जिनके पास फायर एनओसी भी नहीं है। अब तक जिले में 30 होटलों व रेस्टोरेंट को नोटिस दिया जा चुका है। स्पष्टीकरण न मिलने पर सील करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
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ये हैं सुरक्षा के मानक
फायर एनओसी : स्थानीय अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है।
अग्निशमन उपकरण: परिसर में पर्याप्त संख्या में चालू हालत में फायर एक्स्टिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर अलार्म होने चाहिए।
आपातकालीन निकास : संकरी गलियों या बंद जगहों पर भी एक स्पष्ट ''''इमर्जेंसी एग्जिट'''' होना चाहिए, जो हमेशा बाधा रहित (क्लियर) रहे।
मार्ग की चौड़ाई: होटल-रेस्टोरेंट तक पहुंचने का रास्ता इतना चौड़ा होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर दमकल की गाड़ी (फायर ब्रिगेड) आसानी से पहुंच सके।
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ये हैं भवन के मानक
बिल्डिंग बायलॉज: इमारत का नक्शा पास होना चाहिए। रिहाइशी इलाके में बिना अनुमति के कॉमर्शियल गतिविधि नहीं चलाई जा सकती।
सराय एक्ट पुलिस रजिस्ट्रेशन: होटलों के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन या सराय एक्ट के तहत पंजीकरण कराना जरूरी है, जिसमें ठहरने वाले मुसाफिरों का रिकॉर्ड आईडी प्रूफ रखना अनिवार्य होता है।

पार्किंग और वेंटिलेशन: ग्राहकों के लिए पर्याप्त वेंटिलेशन (हवा आने-जाने की जगह) और क्षमता के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।
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मई में जिले के होटलों व गेस्ट हाउसों की जांच के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। कुल 110 होटलों की चेकिंग में से 50 में मानक अधूरे पाए गए, जिन्हें नोटिस देकर कमियां सुधारने के निर्देश दिए गए थे। अब दोबारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
— संदीप तंवर, जिला अग्निशमन अधिकारी
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