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किसान की निजी जमीन पर बनवा दिया अस्पताल
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ग्रामीण की निजी जमीन पर बना अस्पताल।
- फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख(कन्नौज)। किसान की कृषि योग्य निजी जमीन पर प्रशासन ने 50 शय्या मेटरनिटी विंग का निर्माण करवा दिया। पीड़ित किसान जमीन का मुआवजा पाने के लिए साल 2016 से भटक रहा है। शासन और प्रशासन से शिकायतों में आश्वासनों के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ। पीड़ित ने न्याय की उम्मीद में एक बार फिर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।
मोहल्ला संजय नगर निवासी प्रदीप कुमार पुत्र रामाधार चतुर्वेदी ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करते थे। शंकरपुर रोड पर कृषि योग्य भूमि है। इस पर बसपा शासनकाल में प्रशासन ने बिना अनुमति के 50 शय्या मेटरनिटी विंग का निर्माण करवा दिया। साल 2016 में दिल्ली से वापस आए तब जानकारी हुई। मुआवजे के लिए साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री से शिकायत की। सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। कोई नतीजा नहीं निकला।
डीएम के निर्देश पर कराई गई जांच में लेखपाल ने उनकी जमीन होने की पुष्टि की। अभिलेखों में भी यह परिजनों के नाम दर्ज है। इसके बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। अफसरों के आदेश-निर्देश और जांच आख्या की फाइल मोटी हो गई है। वहीं इस संबंध में एसडीएम देवेश गुप्त का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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मोहल्ला संजय नगर निवासी प्रदीप कुमार पुत्र रामाधार चतुर्वेदी ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करते थे। शंकरपुर रोड पर कृषि योग्य भूमि है। इस पर बसपा शासनकाल में प्रशासन ने बिना अनुमति के 50 शय्या मेटरनिटी विंग का निर्माण करवा दिया। साल 2016 में दिल्ली से वापस आए तब जानकारी हुई। मुआवजे के लिए साल 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री से शिकायत की। सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। कोई नतीजा नहीं निकला।
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डीएम के निर्देश पर कराई गई जांच में लेखपाल ने उनकी जमीन होने की पुष्टि की। अभिलेखों में भी यह परिजनों के नाम दर्ज है। इसके बाद भी कुछ नहीं हो रहा है। अफसरों के आदेश-निर्देश और जांच आख्या की फाइल मोटी हो गई है। वहीं इस संबंध में एसडीएम देवेश गुप्त का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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