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Kannauj News: हिस्ट्रीशीटर धर्मा, भाई मंटू को गैंगस्टर में सात साल की कैद
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कन्नौज। विशुनगढ़ इलाके के कुख्यात अपराधी धर्म सिंह राठौर उर्फ धर्मा ठाकुर व छोटे भाई अजय सिंह उर्फ मंटू ठाकुर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गुरुवार को सात साल कैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों दोषियों को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिया है। दोनों भाई हत्या, लूट, अपहरण समेत कई मामलों में दोषी हैं और लंबे समय से जेल में बंद हैं।
विशुनगढ़ थानाध्यक्ष ने वर्ष 2003 में थाना क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी धर्मा ठाकुर व छोटे भाई अजय सिंह पर गैंगस्टर का रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि यह दोनों आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर धन अर्जित करते हैँ। विवेचक ने जांच पड़ताल के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। मुकदमे की सुनवाई कर रहे गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोनों को दोषी करार किया। दोषी धर्म सिंह उर्फ धर्मा व अजय उर्फ मंटू को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
फौज में नौकरी करता था मंटू
हिस्ट्रीशीटर धर्मा का छोटा भाई अजय सिंह राठौर उर्फ मंटू ठाकुर फौज में नौकरी करता था। वर्ष 1998 में वह छ़ुट्टी पर घर आया था। इस दौरान उसके चाचा बलराम सिंह की सौरिख क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका बदला लेने के लिए धर्मा और मंटू ने नगरिया गांव में चार दलितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, तब वह जेल चला गया और फौज से भी निकाल दिया गया। उसका छोटा भाई टिल्लू भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। धर्मा का बेटा अनुज सिंह भी हिस्ट्रीशीटर है। वह भी जेल में बंद है।
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विशुनगढ़ थानाध्यक्ष ने वर्ष 2003 में थाना क्षेत्र के गांव उस्मानपुर निवासी धर्मा ठाकुर व छोटे भाई अजय सिंह पर गैंगस्टर का रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया कि यह दोनों आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर धन अर्जित करते हैँ। विवेचक ने जांच पड़ताल के बाद दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किए। मुकदमे की सुनवाई कर रहे गैंगस्टर कोर्ट के विशेष न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोनों को दोषी करार किया। दोषी धर्म सिंह उर्फ धर्मा व अजय उर्फ मंटू को सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई।
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फौज में नौकरी करता था मंटू
हिस्ट्रीशीटर धर्मा का छोटा भाई अजय सिंह राठौर उर्फ मंटू ठाकुर फौज में नौकरी करता था। वर्ष 1998 में वह छ़ुट्टी पर घर आया था। इस दौरान उसके चाचा बलराम सिंह की सौरिख क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका बदला लेने के लिए धर्मा और मंटू ने नगरिया गांव में चार दलितों की गोली मारकर हत्या कर दी थी, तब वह जेल चला गया और फौज से भी निकाल दिया गया। उसका छोटा भाई टिल्लू भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। धर्मा का बेटा अनुज सिंह भी हिस्ट्रीशीटर है। वह भी जेल में बंद है।
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