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Kannauj News: जेल से बाहर आने के बाद हमारी भी कर देगा हत्या

Sun, 28 Sep 2025 04:44 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 28 Sep 2025 04:44 AM IST
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He will kill us too after coming out of jail.
कन्नौज। मां की हत्या के पांच दिन बाद शनिवार को दोनों बेटियाें के आंसू सूख गए हैं। आंखों में खुद की जान का खतरा भी साफ झलक रहा है। मुठभेड़ के बाद हत्यारोपी की पहचान करने पहुंची, दोनों बेटियां चीख-चीख कर कह रही थीं कि यही है वह दरिंदा जिसने मां की हत्या की थी। अब वह जेल से बाहर आने के बाद हमारी भी हत्या कर देगा।
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मोहल्ला कुतलूपुर मकरंद नगर निवासी सुनीता श्रीवास्तव की 22 सितंबर की दोपहर जसवंत चौहान ने दामाद सूरज कश्यप के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। सुनीता की छोटी बेटी दीया श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे अपराधियों को खुले आम मौत की सजा दी जानी चाहिए। ताकि अन्य अपराधियों में भी भय पैदा हो। पुलिस ने सूरज को घायल कर अस्पताल में भर्ती करा दिया। दो-तीन महीने में छूटकर वह फिर से अपराध करने लगेगा। शर्म की बात है कि मेरी मां की हत्या कर वह आराम से अस्पताल में लेटा था और पुलिस उसे सुरक्षा दे रही थी। पुलिस की ऐसी कार्रवाई से अपराधियों के हौसले और बढ़ते हैं। ऐसे अपराधी को जान से मार देना चाहिए।
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दीया ने बताया कि जो जेवर बरामद किए गए वह हमारे ही हैं। अभी काफी जेवर व नकदी बरामद नहीं हुई, जिसके बारे में पुलिस कुछ भी नहीं बता रही है। सीओ सदर अभिषेक प्रताप अजेय ने बताया कि हत्यारोपी सूरज को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द हत्यारोपी को जेल भेज दिया जाएगा। वहीं, दूसरे हत्यारोपी जसवंत की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।
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मुख्यमंत्री से मिलेंगी बेटियां
कोमल व दीया घटना के चार दिन बाद भी बदहवास व डरी हैं। बड़ी बेटी कोमल ने बताया कि लूटपाट के दौरान ही सूरज कश्यप ने जसवंत की इशारा करते हुए कहा था कि मेरा नाम सूरज और इनका नाम जसवंत चौहान है। हमारा लूटपाट करने का ही धंधा है। तुम लोग हमारा कुछ नहीं कर पाओगी। एक न एक दिन हम लोग तुम दोनों बहनों को भी जान से मार देंगे। पीड़ित बेटियों ने पुलिस कार्यशैली पर सवालियां निशान लगाते हुए न्याय के लिए मुख्यमंत्री से भी मिलने की बात कही है।

सिर्फ मां थी सहारा
दोनों बेटियों को मां का ही सहारा था। उनके परिवार में सिर्फ मां और दो बेटियां ही थीं। चार वर्ष पहले मार्ग दुर्घटना में पिता की मौत हो चुकी है, इसके बाद मां का ही साया था। उसे भी बदमाशों ने मां की हत्या कर छीन लिया। अब हम लोगों की देखभाल व परवरिश के लिए परिवार में कोई नहीं है। ऐसे में हमारी जिंदगी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


घर से निकलने में लगता डर
छोटी बेटी दीया बैंक में कार्यरत है। उसका कहना है कि भले ही घर के बाहर पुलिस लगी है और सुरक्षा का भरोसा दिया गया है, लेकिन घटना के बाद से घर से निकलने में भी डर लगता है। अपराधियों के साथी भी अपराधी होते हैं। हत्यारोपी सूरज कश्यप व जसवंत चौहान अन्य साथियों के द्वारा हम लोगों पर हमला करवा सकते हैं। इससे हम लोग भयभीत हैं।
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