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शांति के साथ खुशहाली लाए त्योहार
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 31 Oct 2015 12:23 AM IST
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लौट रही है। त्योहारों के जरिए तनाव दूर होने लगा है। दिलों की दूरियां कम
करके लोग एक-दूसरे से मिलने व बोलने लगे हैं। एक-दूसरे संप्रदाय की
दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं और मनपसंद सामान खरीद रहे हैं। वहीं सुरक्षा
के मद्देनजर बीएसएफ मोरचा संभाले है।
अत्याधुनिक असलहों से लैस बीएसएफ के जवानों ने शुक्रवार को घूम-घूमकर सुरक्षा का जायजा लिया। वहीं एएसपी, एसडीओ, सीओ और कोतवाल ने भी घूम-घूमकर सुरक्षा की निगहबानी की। फिलहाल कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना न आने से प्रशासन के साथ ही अमन पसंद जनमानस ने भी चैन की सांस ली है।
दंगे की आग में एक सप्ताह तक झुलसे शहर में व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। माहौल शांत होने के बाद दुकानें खुलीं तो व्यापारियों के साथ ही पब्लिक को भी तमाम समस्याओं से छुटकारा मिला। मार्केट में दोनों ही संप्रदायों के लोग प्यार-मोहब्बत के साथ एक-दूसरे से मिले। दुआ-सलाम के साथ ही एक-दूसरे के हालचाल भी पूछे।
सुबह 10 से लेकर 6 बजे तक बाजार पूरी तरह से खुला रहा। चिरैयागंज, चूड़ीवाली गली, लाखन चौराहा, सब्जी मंडी, पायनियर चौराहा, मिठाई गली, नगर पालिका रोड, ग्वालमैदान, मकरंदनगर, सफदरगंज, अजयपाल रोड समेत कई बाजारों में खूब चलहकदमी रही।
वाहनों की आवाजाही से कई बार जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने भी शहर की तरफ रुख किया। मोहल्ला अजयपाल निवासी व्यापारी अखिलेश शर्मा ने बताया कि छह बजे तक दुकानें खुलने से काफी राहत मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरी तरह से शहर का माहौल सामान्य हो जाएगा।
स्थिति नियंत्रण में होने से व्यापार जगत को राहत तो मिली है, पर दंगे ने करोड़ों रुपये की चपत दुकानदारों को लगाई है, जिसकी भरपाई होने वाली नहीं है। गट्टा दुकानदार अवधेश ने बताया कि गत वर्ष के मुकाबले आधी भी दुकानदारी नहीं हो रही है। जब तक माहौल पूरी तरह से शांत व सामान्य होगा तब त्योहारी सहालग निकल जाएगी।
इस बार दुकानदार, उद्यमियों से लेकर कर्मचारी व मजदूरों तक पर दंगे का असर पड़ा है। वहीं बाजार में खरीदारी करके लौटी महिलाओं ने टिक्की-बतासे के स्वाद का भी लुत्फ उठाया। वहीं पेंट की दुकान पर जाकर लोगों ने घरों की पुताई को मनपसंद रंग का पेंट व ब्रश आदि खरीदे।
एसडीएम सदर सुनील शुक्ला ने बताया कि लोग बेहद खुश हैं। काफी हद तक रंगत लौट आई है। सारे हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी।
अत्याधुनिक असलहों से लैस बीएसएफ के जवानों ने शुक्रवार को घूम-घूमकर सुरक्षा का जायजा लिया। वहीं एएसपी, एसडीओ, सीओ और कोतवाल ने भी घूम-घूमकर सुरक्षा की निगहबानी की। फिलहाल कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की सूचना न आने से प्रशासन के साथ ही अमन पसंद जनमानस ने भी चैन की सांस ली है।
दंगे की आग में एक सप्ताह तक झुलसे शहर में व्यापारिक गतिविधियां ठप रहीं। माहौल शांत होने के बाद दुकानें खुलीं तो व्यापारियों के साथ ही पब्लिक को भी तमाम समस्याओं से छुटकारा मिला। मार्केट में दोनों ही संप्रदायों के लोग प्यार-मोहब्बत के साथ एक-दूसरे से मिले। दुआ-सलाम के साथ ही एक-दूसरे के हालचाल भी पूछे।
सुबह 10 से लेकर 6 बजे तक बाजार पूरी तरह से खुला रहा। चिरैयागंज, चूड़ीवाली गली, लाखन चौराहा, सब्जी मंडी, पायनियर चौराहा, मिठाई गली, नगर पालिका रोड, ग्वालमैदान, मकरंदनगर, सफदरगंज, अजयपाल रोड समेत कई बाजारों में खूब चलहकदमी रही।
वाहनों की आवाजाही से कई बार जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई। शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने भी शहर की तरफ रुख किया। मोहल्ला अजयपाल निवासी व्यापारी अखिलेश शर्मा ने बताया कि छह बजे तक दुकानें खुलने से काफी राहत मिली है। उम्मीद है कि जल्द ही पूरी तरह से शहर का माहौल सामान्य हो जाएगा।
स्थिति नियंत्रण में होने से व्यापार जगत को राहत तो मिली है, पर दंगे ने करोड़ों रुपये की चपत दुकानदारों को लगाई है, जिसकी भरपाई होने वाली नहीं है। गट्टा दुकानदार अवधेश ने बताया कि गत वर्ष के मुकाबले आधी भी दुकानदारी नहीं हो रही है। जब तक माहौल पूरी तरह से शांत व सामान्य होगा तब त्योहारी सहालग निकल जाएगी।
इस बार दुकानदार, उद्यमियों से लेकर कर्मचारी व मजदूरों तक पर दंगे का असर पड़ा है। वहीं बाजार में खरीदारी करके लौटी महिलाओं ने टिक्की-बतासे के स्वाद का भी लुत्फ उठाया। वहीं पेंट की दुकान पर जाकर लोगों ने घरों की पुताई को मनपसंद रंग का पेंट व ब्रश आदि खरीदे।
एसडीएम सदर सुनील शुक्ला ने बताया कि लोग बेहद खुश हैं। काफी हद तक रंगत लौट आई है। सारे हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी तरह की चूक नहीं होने दी जाएगी।