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शासन बढ़ा रहा निधि, माननीय कर रहे कंजूसी

Mon, 19 Sep 2022 12:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 12:27 AM IST
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Governance is increasing fund, honorable is stingy
कन्नौज। एक ओर तो शासन ने विधायकों की निधि तीन सालों में तीन गुना से अधिक कर दी है तो दूसरी ओर माननीय निधि से विकास कार्य कराने के लिए कंजूसी बरत रहे हैं। जुलाई में विधायक निधि की पहली किस्त मिलने के बाद दो विधायकों ने केवल 34 हजार रुपये ही खर्च किए हैं, जबकि सदर विधानसभा क्षेत्र में खर्च करने की शुरुआत तक नहीं हुई है।
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करीब ढाई महीने पहले शासन ने सभी विधायकों को विकास कार्य कराने के लिए डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये पहली किस्त के रूप में दिए थे। वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार ने विधायक निधिक डेढ़ करोड़ रुपये से बढ़ाकर दो करोड़ रुपये प्रतिवर्ष कर दी थी। वर्ष 2020 में इस निधि को तीन करोड़ रुपये पहुंचा दिया गया। अप्रैल 2022 से शुरू हुए नए वित्तीय वर्ष के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायक निधि को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये सालाना देने का फैसला किया। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) कार्यालय के मुताबिक जिले के तीनों विधायकों को जुलाई में डेढ़-डेढ़ करोड़ रुपये की पहली किस्त मिली थी। सदर विधायक/समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अपनी निधि से अब तक एक भी रुपये कन्नौज क्षेत्र के विकास कार्य के लिए खर्च नहीं किया है। तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत और छिबरामऊ विधायक अर्चना पांडेय ने ट्राई साइकिल के लिए 17-17 हजार रुपये अपनी-अपनी निधि से जरूर दिए हैं। डीआरडीए कार्यालय के मुताबिक छिबरामऊ से चार और तिर्वा से दो प्रस्ताव विकास कार्य कराने के लिए आए हैं। इसमें दिव्यांग बच्चों का शौचालय, सांस्कृतिक भवन और इंटर लॉकिंग आदि शामिल हैं। (संवाद)
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...लेकिन मनरेगा कर रही दिल खोलकर खर्च
जनपद में मनरेगा ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य कराने के लिए दिल खोलकर खर्च कर रहा है। अप्रैल 2022 से 17 सितंबर तक 27 करोड़ 88 लाख 67 हजार रुपये केवल मजदूरी पर खर्च किए गए हैं, जबकि निर्माण व विकास कार्य की सामग्री के लिए 2.97 करोड़ रुपये व्यय हुए हैं। इससे 48819 परिवारों के 5594 सदस्यों को काम मिला है। कुल 1336252 मानव दिवस सृजित हुए हैं। इसके अलावा मनरेगा ने पिछला बकाया 5549 हजार रुपये मजदूरी का चुकता किया है। साथ ही मैटेरियल का भी 7.23 करोड़ रुपये खर्च हुआ है।
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