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गोशाला में छह गोवंशों की मौत के बाद चेता प्रशासन

Sun, 07 Feb 2021 12:08 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 12:08 AM IST
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goshaala mein chhah govanshon kee maut ke baad cheta prashaasan
गोशाला कर्मचारी से भूसे के स्टॉक के बारे में जानकारी लेते एसडीएम देवेश गुप्त। - फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। रंधीरपुर में भूख से तड़पकर छह गोवंशों की मौत के बाद प्रशासन की नींद खुली है। शनिवार को अफसरों ने गोशालाओं में पहुंचकर हकीकत देखी। सचिवों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
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एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने ग्रामसभा शहजहांपुर में गोशाला का निरीक्षण किया। तहसीलदार अभिमन्यु कुमार ने विशुनगढ, भौंराजपुर, हमीरपुर, जसुआमई, नायब तहसीलदार शिखर मिश्रा ने कसावा व अंतपुर गोशालाओं की व्यवस्था देखी। जिला उद्यान अधिकारी एवं प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार चतुर्वेदी, जिला दिव्यांग जनकल्याण अधिकारी तनुज कुमार ने लडै़ता, घिलोई व शहजहांपुर की गोशाला देखी। सभी गोशालाओं में भूसा मिला। एसडीएम देवेश कुमार गुप्त ने कहा कि गोशाला के गोवंशों की देखरेख की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों की है। अव्यवस्था के लिए वही जिम्मेदार होंगे। गोवंश के बीमार होने या अन्य समस्या के लिए तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचना दें। गोशाला में किसी गोवंश की मौत होने पर पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं शनिवार को निरीक्षण के दौरान विकास खंड इलाके में संचालित 13 गोशालाओं के केयरटेकरों ने अफसरों के सामने एक साल से मानदेय न मिलने की बात कही। शहजहांपुर गोशाला के केयर टेकर सज्जाद अली ने बताया कि जनवरी 2020 में मानदेय मिला था। वहीं रंधीरपुर गोशाला के केयर टेकर अनिल जाटव को ढाई साल से भुगतान नहीं मिला है।
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तीस रुपये में गोवंशों का पेट भरने में छूट रहे पसीने
विकास खंड में संचालित तेरह गोशालाओं में सात सौ से अधिक गोवंश हैं। एक गोवंश के चारे के लिए शासन से 30 रुपये का भुगतान किया जाता है। शहजहांपुर के निवर्तमान प्रधान महेश कमल का कहना है कि कई माह का भुगतान नहीं मिला है। वहीं प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद गोशालाओं की जिम्मेदारी पंचायत सचिवों के कंधों पर आ गई। महज 30 रुपये में गोवंशों का पेट भरने में पंचायत सचिवों के पसीने छूट रहे हैं। अफसर गांव के लोगों से भूसा मांग कर इनका पेट रहे हैं।
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एक सप्ताह के अंदर होगा वृहद गो संरक्षण केंद्र का हस्तांतरण
डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार को एक सप्ताह के अंदर दिलू नगला में बन रहे वृहद गो संरक्षण केंद्र की हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। प्रभारी बीडीओ मनोज कुमार चतुर्वेदी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने वृहद गो संरक्षण केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि कंटीले तारों की रेलिंग बनाने का काम अधूरा है। परिसर में बन रहे तालाब में अभी तक पानी नहीं भरवाया गया है। अधूरे कार्यों को अतिशीघ्र पूरा करवाकर हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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