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घिलोई गांव में फिर हुआ बस हादसा, 11 घायल
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घायल का हालचाल लेते एसडीएम गौरव शुक्ला।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ(कन्नौज)। बेवर की तरफ जा रही डग्गामार बस साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर खाई में उतर गई। इससे 11 सवारियां घायल हो गईं। घायलों को सौ शय्या अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया। हादसा शुक्रवार को हुआ।
छिबरामऊ से सवारियां भरकर डग्गामार बस बेवर की तरफ जा रही थी। जीटी रोड पर घिलोई गांव से कुछ आगे बस पहुंची। उसी दौरान एक साइकिल सवार बस के सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस बेकाबू होकर खाई में उतर गई। इससे बस सवार लोहा मंडी आगरा निवासी गौरव सैनी, बस्ता गांव थाना ठठिया निवासी भानु प्रताप की पत्नी शिमला, अकबरपुर गांव निवासी हरीशंकर, नगला दिलीप बेवर निवासी मंशाराम, दयालबाग आगरा के संदीप, खड़िनी गांव के आनंद राव और उनके भाई रामऔतार, आनंद की पत्नी राजेंद्री, मेरापुर गढ़िया निवासी जयराम सिंह, ललूपुरा गांव निवासी मुकेश की पत्नी गीता और किदवई नगर मोहल्ला निवासी उस्मान घायल हो गए।
हादसे के बाद चालक बस को छोड़कर मौके से भाग गया। यात्रियों की चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। यह घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालने लगे। उसी दौरान थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा भी फोर्स के साथ वहां पर पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से सौ शय्या अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना पाकर एसडीएम गौरव शुक्ला मौके और फिर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव से घायलों का हालचाल लिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल आनंद राव और जयराम सिंह को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया।
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प्रशासन नहीं लगा रहा अंकुश, चल रही डग्गामारी
छिबरामऊ। जीटी रोड पर घिलोई गांव के पास 10 जनवरी को हुए बस हादसे के बाद शासन स्तर पर डग्गामारी पर अंकुश लगाने के दावे किए जा रहे हैं, पर हकीकत इसके उलट है। छिबरामऊ में डग्गामारी हो रही है। डग्गामार बसों के चालक मानकों की अनदेखी कर सवारियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। शुक्रवार शाम को डग्गामार बस घिलोई गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें 11 सवारियां घायल हो गईं। हादसे के बाद लोगों की जुबां पर सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर इन डग्गामार वाहनों को पुलिस संरक्षण क्यों दे रही है। इस बारे में थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक व परिचालक भाग गए हैं। बस में कोई कागजात नहीं मिले हैं। बस को कब्जे में लिया गया है। बस का परमिट है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।
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छिबरामऊ से सवारियां भरकर डग्गामार बस बेवर की तरफ जा रही थी। जीटी रोड पर घिलोई गांव से कुछ आगे बस पहुंची। उसी दौरान एक साइकिल सवार बस के सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में बस बेकाबू होकर खाई में उतर गई। इससे बस सवार लोहा मंडी आगरा निवासी गौरव सैनी, बस्ता गांव थाना ठठिया निवासी भानु प्रताप की पत्नी शिमला, अकबरपुर गांव निवासी हरीशंकर, नगला दिलीप बेवर निवासी मंशाराम, दयालबाग आगरा के संदीप, खड़िनी गांव के आनंद राव और उनके भाई रामऔतार, आनंद की पत्नी राजेंद्री, मेरापुर गढ़िया निवासी जयराम सिंह, ललूपुरा गांव निवासी मुकेश की पत्नी गीता और किदवई नगर मोहल्ला निवासी उस्मान घायल हो गए।
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हादसे के बाद चालक बस को छोड़कर मौके से भाग गया। यात्रियों की चीख सुनकर आसपास के लोग पहुंचे। यह घायल यात्रियों को बस से बाहर निकालने लगे। उसी दौरान थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा भी फोर्स के साथ वहां पर पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से सौ शय्या अस्पताल पहुंचाया। हादसे की सूचना पाकर एसडीएम गौरव शुक्ला मौके और फिर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव से घायलों का हालचाल लिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद घायल आनंद राव और जयराम सिंह को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा के लिए रेफर कर दिया।
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प्रशासन नहीं लगा रहा अंकुश, चल रही डग्गामारी
छिबरामऊ। जीटी रोड पर घिलोई गांव के पास 10 जनवरी को हुए बस हादसे के बाद शासन स्तर पर डग्गामारी पर अंकुश लगाने के दावे किए जा रहे हैं, पर हकीकत इसके उलट है। छिबरामऊ में डग्गामारी हो रही है। डग्गामार बसों के चालक मानकों की अनदेखी कर सवारियों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। शुक्रवार शाम को डग्गामार बस घिलोई गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसमें 11 सवारियां घायल हो गईं। हादसे के बाद लोगों की जुबां पर सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर इन डग्गामार वाहनों को पुलिस संरक्षण क्यों दे रही है। इस बारे में थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त बस के चालक व परिचालक भाग गए हैं। बस में कोई कागजात नहीं मिले हैं। बस को कब्जे में लिया गया है। बस का परमिट है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी।