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घिलोई बस हादसे के बाद आई संकेतक बोर्ड की याद
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जीटी रोड पूर्वी ओवर ब्रिज के निकट दुर्घटना बहुल क्षेत्र का बोर्ड लगाते कर्मचारी।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। छिबरामऊ के घिलोई में बस हादसे के बाद विभाग को दुर्घटना बहुल क्षेत्र में बोर्ड लगाने की याद आई है। संकेतक लगाकर वाहन चालकों को सचेत किया जा रहा है।
विभागीय लापरवाही से जीटी रोड पर ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही हैं। पूर्व से चिह्नित स्थानों पर विभागों की तरफ से कोई काम नहीं किया गया। कुछ स्थानों पर बोर्ड लगाकर कार्य पूर्ण दिखा दिया गया। इसी का नतीजा है कि छिबरामऊ के घिलोई में बड़ा बस हादसा हो गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों को सुरक्षा की याद आई है। जिले के उन सभी मार्गों के किनारे बोर्ड लगाने का काम शुरू किया गया, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।
अगर इस काम को अधिकारियों ने पहले कर लिया होता तो शायद बस हादसा न होता। चिह्नित स्थलों पर बोर्ड के अलावा अन्य काम कराने का भी प्रस्ताव बनाया गया था। यह नहीं हो पाया। एआरटीओ संजय कुमार झा के मुताबिक जिले में ग्यारह स्थान चिह्नित हैं। कहीं चौड़ाई है तो कहीं पर मोड़ कम करने का प्रस्ताव था। इसके अलावा जहां पर रोड उखड़ गया, उसकी मरम्मत कराने के लिए कहा गया था। यह काम नहीं कराया गया। इसी का नतीजा है कि जिले में दुर्घटनाएं अधिक हो रही थीं। घिलोई में बस हादसा होने के बाद विभाग ने दुर्घटना बहुल क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगवाने शुरू कर दिए हैं।
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एआरटीओ संजय कुमार झा का कहना है कि बोर्ड लगवाए जा चुके थे। यह कहीं - कहीं उखड़ गए हैं। कुछ नए स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। इन सभी स्थानों पर बोर्ड लगवाए जा रहे हैं।
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विभागीय लापरवाही से जीटी रोड पर ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही हैं। पूर्व से चिह्नित स्थानों पर विभागों की तरफ से कोई काम नहीं किया गया। कुछ स्थानों पर बोर्ड लगाकर कार्य पूर्ण दिखा दिया गया। इसी का नतीजा है कि छिबरामऊ के घिलोई में बड़ा बस हादसा हो गया। इसके बाद विभागीय अधिकारियों को सुरक्षा की याद आई है। जिले के उन सभी मार्गों के किनारे बोर्ड लगाने का काम शुरू किया गया, जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं।
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अगर इस काम को अधिकारियों ने पहले कर लिया होता तो शायद बस हादसा न होता। चिह्नित स्थलों पर बोर्ड के अलावा अन्य काम कराने का भी प्रस्ताव बनाया गया था। यह नहीं हो पाया। एआरटीओ संजय कुमार झा के मुताबिक जिले में ग्यारह स्थान चिह्नित हैं। कहीं चौड़ाई है तो कहीं पर मोड़ कम करने का प्रस्ताव था। इसके अलावा जहां पर रोड उखड़ गया, उसकी मरम्मत कराने के लिए कहा गया था। यह काम नहीं कराया गया। इसी का नतीजा है कि जिले में दुर्घटनाएं अधिक हो रही थीं। घिलोई में बस हादसा होने के बाद विभाग ने दुर्घटना बहुल क्षेत्र में संकेतक बोर्ड लगवाने शुरू कर दिए हैं।
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एआरटीओ संजय कुमार झा का कहना है कि बोर्ड लगवाए जा चुके थे। यह कहीं - कहीं उखड़ गए हैं। कुछ नए स्थान भी चिह्नित किए गए हैं। इन सभी स्थानों पर बोर्ड लगवाए जा रहे हैं।