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घर पर मायूस बैठे अनामिका उर्फ मंजेश के परिजन।

Tue, 22 Jun 2021 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 11:37 PM IST
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ghar par maayoos baithe  anaamika urph manjesh ke parijan.
घर पर मायूस बैठे अनामिका उर्फ मंजेश के परिजन। - फोटो : CHIBRAMAU
सौरिख(कन्नौज)। अनामिका उर्फ मंजेश प्रकरण में गिरफ्तारी के बाद से परिजन मायूस हैं। इन्होंने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से मंजेश काफी परेशान रहती थी। इसका फायदा उठाकर पुष्पेंद्र ने मंजेश के सामने नौकरी का प्रस्ताव रखा। इसे मंजेश ने स्वीकार कर लिया। वर्ष 2019 में वह पुष्पेंद्र के साथ चली गई। पुष्पेंद्र के कहने पर वह अनामिका शुक्ला के कागजों पर बछरावां (रायबरेली )के कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बतौर शिक्षक नौकरी करने लगी। पुष्पेंद्र उसकी तनख्वाह से प्रतिमाह दस हजार रुपये देता था।
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थाना क्षेत्र के बेहटा रामपुर निवासी अवध किशोर जाटव की पुत्री मंजेश उर्फ अंजलि ने नगर के मां सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा 2015 और ऋषि भूमि इंटर कालेज से 2017 में इंटर की परीक्षा पास की थी। बीएससी की परीक्षा चौधरी सुरेंद्र सिंह महाविद्यालय बहादुरपुर मझगवां से 2020 में की। मां सीमा देवी ने बताया कि मैनपुरी जनपद निवासी दूर का रिश्तेदार पुष्पेंद्र 2019 में घर आया। उसने तीन लाख रुपये में नौकरी लगवाने की बात की। पैसा न होने की वजह से मंजेश ने मना कर दिया। पुष्पेंद्र ने नौकरी लगने के बाद तनख्वाह में आधे रुपये देने का प्रस्ताव रखा। इस पर परिजन तैयार हो गए थे। वह 2019 में मंजेश को अपने साथ ले गया।
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बछरावां रायबरेली में अनामिका शुक्ला के कागजों पर कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी कराने लगा। वर्ष 2020 में कई जिलों में अनामिका शुक्ला के नाम पर नौकरी करने का खुलासा हुआ तो इसकी जानकारी मंजेश को हुई। इसी दौरान लॉकडाउन लग गया। मंजेश ने स्कूल जाना बंद कर दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। इस पर उसने इस्तीफा भेज दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद मंजेश लखनऊ के अस्पताल में नौकरी करने लगी। पुष्पेंद्र विद्यालय के वेतन से मंजेश को हर माह 10 हजार रुपये देता था। वहीं रायबरेली पुलिस ने मंजेश पर 15 हजार का इनाम घोषित कर दिया। उसे लखनऊ के एक अस्पताल से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद मंजेश ने फोन पर रविवार को देर शाम 10:30 बजे परिजनों को जानकारी दी। इस पर वह सकते में आ ग्रए।
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एक छोटी बहन और तीन भाई
मंजेश की एक छोटी बहन व तीन भाई हैं। परिवार में खेती नहीं है। मंजेश से बड़ा एक भाई सुरजीत हरियाणा में नौकरी करता है। दो छोटे भाई घर पर रहते हैं। यह मजदूरी करते हैं परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता डेढ़ साल से पैरालाइसिस से पीड़ित हैं। मां सीमा को मंजेश ने फर्जी कागजों पर नौकरी की बात बताई तो उन्होंने छोड़ देने की बात कही। इस पर मंजेश ने इस्तीफा भेज दिया था। अब गिरफ्तारी की सूचना पर चाचा प्रदीप मंगलवार को मंजेश से मिलने गए हैं।
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