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घर-घर टीबी खोज अभियान में मिले 58 नए मरीज

Thu, 14 Jan 2021 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2021 11:38 PM IST
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ghar-ghar teebee khoj abhiyaan mein mile 58 nae mareej
घर-घर टीबी रोगी खोजने के अभियान की जांच करते जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेजे राम। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। पुनरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के दूसरे चरण में दस दिन में 995 संदिग्ध लोगों के सैंपल लिए गए। इनमें 58 लोगों में क्षय रोग की पुष्टि हुई है। इनके इलाज और निक्षय पोर्टल पर पोषण भत्ते की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जेजे राम ने बताया कि जिले में 125 टीमें घर-घर दस्तक देकर मरीजों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। इस दौरान कोविड-19 संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि टीबी असाध्य बीमारी नहीं है। टीबी का उपचार आसानी से संभव है। इलाज कराने से रोगी पूरी तरह ठीक हो जाता है। टीबी का इलाज सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है।
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टीबी (क्षय रोग) के लक्षण
भूख कम लगना, वजन कम होना, बुखार आना, शाम को बुखार बढ़ जाना, रात में पसीना आना, छोटे बच्चे का विकास रुक जाना, बच्चे का चिड़चिड़ा होना, टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। इनके अलावा भी हर अंग की टीबी के लक्षण अलग होते हैं। दो हफ्ते से ज्यादा खांसी आना, खांसी में खून आना, भूख कम लगना, वजन कम होने से फेफड़े की टीबी हो सकती है। हड्डी की टीबी में हड्डी में या उसके आसपास दर्द होता है। गिल्टी की टीबी में ग्लैंड बढ़ जाती है।
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इस तरह करें टीबी रोग से बचाव
टीबी रोग से बचाव के लिए प्रतिरोधक क्षमता दुरुस्त रखें। खाने में सोयाबीन, दालों, मछली, अंडा, पनीर का प्रयोग करना चाहिए। प्रतिरोधक क्षमता कम होने से टीबी के बैक्टीरिया के सक्रिय होने का खतरा अधिक होता है। लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचना चाहिए। कम रोशनी वाली और गंदी जगहों पर न रहें। टीबी के मरीज से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। मरीज को हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रखना चाहिए। कमरे में हवा आने दें। पंखा चलाकर खिड़कियां खोल दें, इससे कि बैक्टीरिया बाहर निकल सकें। मरीज को मास्क पहनाकर रखना चाहिए। मास्क न हो तो खांसने या छींकने से पहले मुंह को नैपकिन से कवर कर लेें। इस नैपकिन को कवर वाले डस्टबिन में डाल दें।
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