{"_id":"36b04a252a1f46402d381d7ac7ee9d57","slug":"getting-out-of-the-pilot-project-life-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकल रही पायलट प्रोजेक्ट की हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकल रही पायलट प्रोजेक्ट की हवा
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Thu, 02 Apr 2015 11:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए बने पायलट प्रोजेक्ट को कर्मचारी ही पलीता लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की निगरानी वाले जिले में ही इसकी हवा निकल रही है। अधिकारियों की सर्वे रिपोर्ट से तो यही साबित हो रहा है।
विज्ञापन
लापरवाही में कुछ कर्मचारियों पर गाज भी गिरी है। अब जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट में जान डालने के लिए कवायद तेज की है। इसके लिए गुरुवार को विकास भवन के सभागार में कन्नौज विकासखंड की कार्यशाला चली। इसमें कार्यक्रमों की रूपरेखा बनीं, जिम्मेदारियां तय की गईं, प्रशिक्षण भी दिया गया।
विज्ञापन
पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिलाधिकारी अनुज कुमार झा के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों ने दो-दो ग्रामसभाओं को गोद लिया था। इन ग्राम सभाओं में बिंदुवार चेकिंग करने के निर्देश दिए गए थे। गुरुवार को विकास भवन के सभागार में कन्नौज विकासखंड की कार्यशाला आयोजित हुई।
विज्ञापन
अधिकारियों ने जब अपनी रिपोर्ट रखी तो स्थिति बेहद चौंकाने वाली निकली। पता चला कि अहमदपुर रौनी गांव में दो आंगनबाड़ी केंद्र महीनों से खुले ही नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से नियुक्त एएनएम तीन माह से गायब हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी उदयराज यादव ने निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सुधा देवी का वेतन रोक कर निलंबन की कार्रवाई की जाए। एनएएम की सेवा समाप्त की जाए।
इसके अलावा आंगनबाड़ी कार्यकत्री तरन्नुम व सुमन देवी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी को संस्तुति की। रामपुर मुढ़ेरी काजिम हुसैन में जांच के दौरान मशीन खराब मिली। सुपरवाइजर पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते बदलवाने के निर्देश दिए गए। सारोतोप आंगनबाड़ी केंद्र नियमति रूप से नहीं खुलता है।
मानीमऊ केंद्र पर पांच, मोचीपुर में पांच, कन्नौज कछोहा के मजरा कपूरपुर में छह, बंशरामऊ में दस बच्चे अति कुपोषण के शिकार होने की जांच रिपोर्ट अधिकारियों ने प्रस्तुत की। सीडीओ ने लापरवाह सुपरवाइजर व एएनएम को चेतावनी दी कि वह अपने अंदर सुधार लाएं, अब कोई बहानेबाजी नहीं सुनी जाएगी। सीधे तौर पर जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश चंद्र ने कहा कि इंद्रधनुष के नाम से एक रोस्टर बनाया गया है। इसकी शुरुआत 7 अप्रैल से होगी। लगातार सात दिनों तक अलग-अलग टीके लगाए जाएंगे। एनएएम को किटें भी प्रदान की गईं। इसमें ब्लप्रेशर, आला, काटन, डिजिटल थर्मामीटर, यूरिन जांच के लिए यंत्र दिए गए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान एएनएम इन किटों को साथ लेकर जाएंगी। कहा कि पोषण दिवस का आयोजन प्रत्येक बुधवार व शनिवार को होगा। कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए जन जागरूकता आवश्यक है। पैदा होने वाले जो बच्चे एक घंटे के अंदर स्तनपान करते हैं तो उनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता अधिक होती है। प्रसव के बाद महिलाओं को अच्छी डायट देनी चाहिए तभी बच्चा स्वस्थ रहेगा।
जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कहा कि इस अभियान को समर्पण भाव के साथ करें। तभी सफलता हासिल मिलेगी। अभियान को सफल बनाने के लिए प्रत्येक ब्लाक में इस तरह की बैठकों का आयोजन होगा। 15 दिनों के बाद पहली बैठक सीएचसी पर होगी।
इसमें किए गए कार्यों की समीक्षा होगी। इस दौरान किसी तरह की बहानेबाजी नहीं चलेगी। उन्होंने ग्राम प्रधानों से कहा कि गांव में जनजागरूकता के लिए बच्चों की रैलियां आयोजित कराएं। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों को आदर्श केंद्र के रूप में स्थापित करें। इसके लिए उनको डोनेशन एकत्र करने की छूट है। केंद्रों को अच्छा बनाने के लिए उन्नयन सोसाइटी भी बनाई जाएगी।
प्रधानपति रामभजन पाल ने कहा कि एनएनएम स्वास्थ्य समिति की ओर से भेजी गई धनराशि नहीं निकालती हैं। उनकी ग्रामसभा में पिछले तीन वर्ष से कोई धनराशि नहीं निकाली गई। इस पर एएनएम ने हवाला दिया कि ग्राम प्रधान वाउचर नहीं देते। धनराशि न निकाले जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
इस मौके पर परियोजना निदेशक एके सिंह कुशवाहा, जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी राजेश कुमार बघेल, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह, पूर्ति अधिकारी संतोष सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य जीसी यादव, बीडीओ साधना दीक्षित, बीईओ प्रवीण दीक्षित, ग्राम प्रधान हरिबक्स सिंह, इंदपाल सिंह बघेल, शैलेश कुमार, शिवराम सिंह, देशराज दोहरे, नितेष कटियार, विजयपाल सिंह, नीलू सिंह आदि मौजूद रहे।