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गंगा चेतावनी बिंदु पार, तटवासियों में चिंता

Mon, 26 Jul 2021 11:34 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:34 PM IST
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Ganga warning point crossed, concern among coastal residents
मेहंदी घाट पर सीढ़ियों तक पहुंची जलधारा। - फोटो : KANNAUJ
मानीमऊ(कन्नौज)। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में भीषण बारिश से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। 24 घंटे में गंगा का जलस्तर 46 सेंटीमीटर बढ़ गया। तट के किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी बढ़ते जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। बढ़े जलस्तर से अभी तक गंगा के किनारे किसी भी गांव को नुकसान नहीं हुआ है। पानी चेतावनी बिंदु पार कर गया है। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंचने पर गांवों में पानी घुसने की आशंका है।
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सोमवार देर शाम गंगा का जलस्तर 124.460 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु से 46 सेंटीमीटर ऊपर है। चेतावनी बिंदु 124.000 मीटर पर है। खतरे का निशान 125.970 मीटर और उच्च खतरे का निशान 126.780 मीटर पर है। केंद्रीय जल आयोग चौकी प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि अभी खतरे का निशान दूर है। जलस्तर चेतावनी बिंदु से 46 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है। यह खतरे के निशान पर पहुंच गया तो किनारे बसे गांव दाईपुर, सकरी खुर्द, दुर्जनापुर घाट, मेहंदीपुर घाट, गुमटियां ,चौराचांदपुर, रजगिर, जुकइया, कासिमपुर, बख्शीपुर, अड़ंगापुर, डालेपुर,कुसमखोर, कूलापुर, बर्केगांव में पानी पहुंच जाएगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने से मेहंदी घाट के पक्के घाट की सीढ़ियों पर पानी चढ़ गया है। श्मशान घाट डूब गया। लोग दूसरी जगह दाह संस्कार करने लगे हैं। गंगा का जलस्तर और बढ़ा तो कासिमपुर गांव में पहले पानी घुसेगा। गंगा की कटरी में सब्जी व फसलें जलमग्न हो गई हैं। मेहंदीपुर, कासिमपुर, गुमटियां गांव के किनारे पानी पहुंच चुका है। सावन में गंगा स्नान करने के लिए जिला प्रशासन ने पक्के घाट पर रस्सियां बांध दी हैं। इससे कि लोग गहरे पानी में न पहुंचें।
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साल 2010 में मचाई थी तबाही
मानीमऊ। वर्ष 2010 में गंगा का जलस्तर उच्च खतरे के निशान से ऊपर हो गया था। ऐसे में जलधारा ने तबाही मचाई थी। कई गांव के लोग सड़कों पर आ गए थे। जिला प्रशासन को मेहंदी घाट पुल बंद करना पड़ा था। पानी पुल को छूने लगा था। तमाम लोग बेघर हो गए थे। इलाकाई रवींद्र नाथ ने बताया कि सितंबर 2010 में गंगा में नरौरा बांध से अधिक पानी छोड़ दिया गया था। इससे यह गंगा के किनारे बसे गांवों में घुस गया था। गंगा का जलस्तर इतना बढ़ा था कि बाबा गौरी शंकर मंदिर में कमर तक पानी आ गया था। गांव व खेत जलमग्न हो गए थे। कासिमपुर और बख्शीपुर्वा गांव के लोगों को हरदोई रोड पर पन्नी डाल कर गुजर करनी पड़ी थी। हरदोई वाली सड़क बह गई थी।
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