फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Ganga cleaning campaign hit the brakes

गंगा सफाई अभियान पर लगा ब्रेक

Sat, 18 Jul 2015 11:51 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
अमर उजाला कन्नाैैज Updated Sat, 18 Jul 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
Ganga cleaning campaign hit the brakes
राजनैतिक खींचतान के चक्कर में सीवरेज ट्रीटमेट प्लांट की टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। कई बार टेंडर प्रक्रिया निरस्त की जा चुकी है। इस कारण सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण अधर में लटका है। बजट होने के बावजूद एसटीपी न बन पाने के कारण गंगा सफाई अभियान पर भी ब्रेक लगा है।
विज्ञापन


जलालपुर अमरा में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए 25 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जा चुकी है। जल निगम निर्माण इकाई के पास एसटीपी बनाने की जिम्मेदारी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार एसटीपी बनाने के लिए सात करोड़ रुपये से अधिक का बजट उपलब्ध है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया पूर्ण न हो पाने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन


एसटीपी न बनता देख सीवर लाइनें डालने के काम में भी हीलाहवाली होने लगी है। सीवर लाइन डालने वाली संस्था के लोग यह कहकर अपनी ढिलाई पर परदा डाल रहे हैं कि एसटीपी बनने के बाद ही सीवर लाइनें चालू की जा सकेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर जल निगम निर्माण खंड के प्रोजेक्ट मैनेजर भीमसेन चाहर का कहना है कि उच्चाधिकारियों के दखल देने के बाद एसटीपी की डिजाइन व तकनीक में बदलाव हो गया है। अब लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के आधार पर इसका निर्माण होगा। ताकि जो पानी गंगा में जाकर गिरे वह अत्यधिक साफ हो।

इसीलिए टेंडर में विलंब हुआ है। राजनैतिक दबाव के चलते टेंडर में लेटलतीफी का बात गलत है। उन्होंने कहा कि पहले 7 करोड़ की लागत में तैयार होने वाला एसटीपी अब हाईटेक तरीके से 21 से 22 करोड़ रुपये में बनकर तैयार होगा। इसके बनने में करीब डेढ़ साल का वक्त लगेगा।

फैक्ट फाइल
-शहर में सीवर लाइन डालने का काम दो फेज में चल रहा है। पहले फेज में 23 करोड़ 13 लाख रुपये खर्च हुआ है। यह बजट राज्य योजना से मिला है। यह प्रोजेक्ट 31 मार्च 2012 तक पूर्ण होना था, लेकिन अभी तक काम चल रहा है।
-सीवर लाइन डालने के लिए दूसरे फेज में नेशनल गंगा रिवर बेसिन प्राधिकरण की ओर से 43 करोड़ 66 लाख रुपये का प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। यह प्रोजेक्ट मार्च 2014 तक कंप्लीट होना था, लेकिन लेटलतीफी के कारण अभी भी काम अधूरा पड़ा है।

नवंबर तक सीवर लाइन डालने का दावा
शहर में सीवर लाइन डालने वाली संस्था साईं कांस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट आफीसर इंजीनियर उमेश कुमार का कहना है कि फेज टू में 62.5 किमी के सापेक्ष 45 किमी सीवर लाइन पड़ चुकी है। तिर्वा-कन्नौज रोड, पुलिस लाइन रोड, सरायमीरा-कन्नौज रोड  मानपुर रोड समेत मुख्य मार्गों पर सीवर लाइन पड़ना बाकी है।

 तिर्वा क्रासिंग के पास तालाब के पास पंपिंग स्टेशन भी बनना है। नवंबर तक अवशेष सीवर लाइन डालने का काम पूरा कर दिया जाएगा। बजट की अब कोई समस्या नहीं है। जो गलियां छूट गई हैं उनकी मरम्मत जल्द कराई जाएगी।


गलियां खोदने के बाद मरम्मत में लापरवाही
सीवर लाइन डालने के लिए गलियों की खुदाई के बाद उनकी मरम्मत का दावा किया जाता है, लेकिन अपना काम निकल जाने के बाद ठेकेदार लापरवाही बरतते हैं। इसका खामियाजा पब्लिक को आवागमन के दौरान दिक्कतें झेलकर चुकाना पड़ता है। इसका एक नमूना डाक बंग्ला रोड पर ब्रह्मदेव मंदिर के बगल से निकली गई है। इसे सीवर लाइन डालने के लिए कई महीने पहले खोदा गया था, लेकिन गली की मरम्मत अब तक नहीं कराई गई। गड्ढा व ऊबड़खाबड़ गली राहगीरों के लिए मुसीबतें पैदा कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed