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किशोरियों ने सिर में लगाई किलौनी मारने की दवा, हालत बिगड़ी
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मेडिकल कालेज में भर्ती बहनें
- फोटो : KANNAUJ
तिर्वा। धरमंगदपुर गांव में गुरुवार को सिर के जुए मारने के लिए तीन बहनों ने घर में रखी जानवरों की किलौनी मारने की दवा लगा ली। इससे तीनों बेहोश हो गईं। परिवार के लोगों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार है।
कोतवाली के धरमंगदपुर गांव निवासी गणेश शुक्ला की बेटी दिप्ती (17), चांदनी (15) और नंदनी (12 )के सिर में जुएं हो गए थे। गणेश के घर में जानवरों के शरीर की किलौनी (कीड़े) मारने की दवा रखी थी। गुरुवार सुबह तीनों बहनों ने जुए मारने के लिए किलौनी मारने की दवा अपने सिर में लगा ली।
दवा लगाने के कुछ देर बाद तीनों बहनें बेहोश होकर गिर गईं, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उस समय गणेश भाई गोविंद के साथ खेत पर थे। जानकारी मिलने पर घर पहुंचे और बेटियों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। करीब तीन घंटे उपचार के बाद तीनों की हालत में सुधार हुआ। सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि सिर में लगाई गई दवा से तीनों किशोरियों को एलर्जी हो गई। इससे गले और नाक में सूजन आ गई थी। अब हालत सामान्य है।
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कोतवाली के धरमंगदपुर गांव निवासी गणेश शुक्ला की बेटी दिप्ती (17), चांदनी (15) और नंदनी (12 )के सिर में जुएं हो गए थे। गणेश के घर में जानवरों के शरीर की किलौनी (कीड़े) मारने की दवा रखी थी। गुरुवार सुबह तीनों बहनों ने जुए मारने के लिए किलौनी मारने की दवा अपने सिर में लगा ली।
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दवा लगाने के कुछ देर बाद तीनों बहनें बेहोश होकर गिर गईं, उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी। उस समय गणेश भाई गोविंद के साथ खेत पर थे। जानकारी मिलने पर घर पहुंचे और बेटियों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। करीब तीन घंटे उपचार के बाद तीनों की हालत में सुधार हुआ। सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने बताया कि सिर में लगाई गई दवा से तीनों किशोरियों को एलर्जी हो गई। इससे गले और नाक में सूजन आ गई थी। अब हालत सामान्य है।
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