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मां का गला रेत पुत्र ने लगाई फांसी
अमर उजाला कन्नाैैज
Updated Wed, 11 Mar 2015 11:55 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के भुलभुलियापुर गांव में मंगलवार देर रात एक पुत्र ने जायदाद बंटवारे की मांग को लेकर अपनी मां पर धारदार हथियार से कई प्रहार किए। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। मरणासन्न हालत में महिला को मेडिकल कालेज के बाद कानपुर भेज दिया गया। घटना के बाद युवक मौके से भाग निकला। बुधवार दोपहर घर लौटने के बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
भुलभुलियापुर गांव निवासी महेंद्र राजपूत (24) पुत्र मथुरा प्रसाद का विवाह तीन साल पहले नीरज देवी के साथ हुआ था। कुछ समय पहले पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई। बाद में पत्नी ने कोर्ट में ससुराल के सभी सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। इसे लेकर महेंद्र के परिवार में कलह चल रही थी।
पिछले कुछ दिनों से महेंद्र अपने पिता मथुरा प्रसाद व मां ऊषा देवी से जायदाद में अपना हिस्सा मांग रहा था। उसका तर्क था कि हिस्सा देने पर वह कोर्ट में अपनी पत्नी से समझौता करके गांव में अलग रहने लगेगा। उसके परिवार के लोग इस बात से सहमत नहीं हुए।
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कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे के करीब महेंद्र ने अपनी मां से बंटवारे की बात कही। इसी पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर महेंद्र ने मां ऊषा देवी के सिर व गरदन पर धारदार हथियार से कई बार प्रहार कर दिए। इससे ऊषा देवी लहूलुहान होकर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के बाद महेंद्र घर से भाग निकला।
एंबुलेंस की मदद से महिला को उसका पति मथुरा प्रसाद औार छोटा पुत्र मूलचंद्र मेडिकल कालेज ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद ऊषा को हैलट अस्पताल कानपुर रेफर कर दिया गया। उधर बुधवार दोपहर मौका पाकर महेंद्र दोबारा घर पहुंचा। यहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मोहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को मोबाइल पर दी। सूचना पाकर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
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भुलभुलियापुर गांव निवासी महेंद्र राजपूत (24) पुत्र मथुरा प्रसाद का विवाह तीन साल पहले नीरज देवी के साथ हुआ था। कुछ समय पहले पत्नी उसे छोड़कर मायके चली गई। बाद में पत्नी ने कोर्ट में ससुराल के सभी सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करा दिया। इसे लेकर महेंद्र के परिवार में कलह चल रही थी।
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पिछले कुछ दिनों से महेंद्र अपने पिता मथुरा प्रसाद व मां ऊषा देवी से जायदाद में अपना हिस्सा मांग रहा था। उसका तर्क था कि हिस्सा देने पर वह कोर्ट में अपनी पत्नी से समझौता करके गांव में अलग रहने लगेगा। उसके परिवार के लोग इस बात से सहमत नहीं हुए।
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कोतवाली प्रभारी आरपी पांडेय ने बताया कि मंगलवार रात 8 बजे के करीब महेंद्र ने अपनी मां से बंटवारे की बात कही। इसी पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर महेंद्र ने मां ऊषा देवी के सिर व गरदन पर धारदार हथियार से कई बार प्रहार कर दिए। इससे ऊषा देवी लहूलुहान होकर गिर पड़ी। घटना को अंजाम देने के बाद महेंद्र घर से भाग निकला।
एंबुलेंस की मदद से महिला को उसका पति मथुरा प्रसाद औार छोटा पुत्र मूलचंद्र मेडिकल कालेज ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद ऊषा को हैलट अस्पताल कानपुर रेफर कर दिया गया। उधर बुधवार दोपहर मौका पाकर महेंद्र दोबारा घर पहुंचा। यहां उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मोहल्ले के लोगों ने घटना की जानकारी कोतवाली पुलिस को मोबाइल पर दी। सूचना पाकर कोतवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।