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Kannauj News: कार्रवाई के डर से महिला बीएलओ की हालत बिगड़ी
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छिबरामऊ। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष प्रगाढ़ मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर)में आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके परिणाम सामने आने लगे हैं। कार्य के दबाव व काम पूरा न होने पर कार्रवाई के भय से एक आशा कार्यकर्ता की हालत बिगड़ गई। ग्रामीणों की मदद से उन्हें सौ शैया अस्पताल ले गए। वहां से तिर्वा मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया गया। कई घंटे इलाज के बाद भी उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
प्रेमपुर निवासी आशा वर्कर राजेंद्री (60) को विशेष प्रगाढ़ मतदाता पुनरीक्षण में निर्वाचन कार्य के लिए बीएलओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिजनों के अनुसार बीएलओ कक्षा आठ तक पढ़ीं हैं। कार्य की अधिकता के दबाव में वह पिछले कई दिनों से तनाव में थीं। उन्होंने अपनी शिक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन को सूचना दी। उनकी समस्या को देखते हुए एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी के निर्देश पर बीईओ आनंद द्विवेदी ने उनकी मदद के लिए दो शिक्षकों को सहायता के लिए तैनात कर दिया। इ
सके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कार्य की अधिकता और शिकायतों की जवाबदेही के दबाव में मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद ग्रामीणों की मदद से सौ शैया अस्पताल पहुंचाया। डाॅ. अविनाश गुप्ता ने हालत गंभीर होने पर प्राथमिक इलाज के बाद राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। बीएलओ के परिजनों ने बताया कि यहां उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, हालत स्थिर है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि बीएलओ की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही मेडिकल कालेज भेज दिया गया है।
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तिर्वा एसडीएम राजेश कुमार को भी मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। प्राचार्य को बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कम शिक्षित होने के कारण बीएलओ राजेंद्री के साथ शिक्षक आलोक मिश्रा को लगा दिया गया है। जनपद में करीब 1,522 बीएलओ हैं, जिसमें 32 बीएलओ आशा वर्कर है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह सभी कक्षा आठ पास हैं। इन सभी को एसआईआर की जानकारी नहीं है। सीएमओ को निर्देेश दिए गए हैं। इनके साथ जानकार कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
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प्रेमपुर निवासी आशा वर्कर राजेंद्री (60) को विशेष प्रगाढ़ मतदाता पुनरीक्षण में निर्वाचन कार्य के लिए बीएलओ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। परिजनों के अनुसार बीएलओ कक्षा आठ तक पढ़ीं हैं। कार्य की अधिकता के दबाव में वह पिछले कई दिनों से तनाव में थीं। उन्होंने अपनी शिक्षा का हवाला देते हुए प्रशासन को सूचना दी। उनकी समस्या को देखते हुए एसडीएम ज्ञानेंद्र कुमार द्विवेदी के निर्देश पर बीईओ आनंद द्विवेदी ने उनकी मदद के लिए दो शिक्षकों को सहायता के लिए तैनात कर दिया। इ
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सके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कार्य की अधिकता और शिकायतों की जवाबदेही के दबाव में मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। साथी कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों को सूचना देने के बाद ग्रामीणों की मदद से सौ शैया अस्पताल पहुंचाया। डाॅ. अविनाश गुप्ता ने हालत गंभीर होने पर प्राथमिक इलाज के बाद राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। बीएलओ के परिजनों ने बताया कि यहां उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, हालत स्थिर है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने बताया कि बीएलओ की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही मेडिकल कालेज भेज दिया गया है।
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तिर्वा एसडीएम राजेश कुमार को भी मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। प्राचार्य को बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कम शिक्षित होने के कारण बीएलओ राजेंद्री के साथ शिक्षक आलोक मिश्रा को लगा दिया गया है। जनपद में करीब 1,522 बीएलओ हैं, जिसमें 32 बीएलओ आशा वर्कर है। विभागीय जानकारी के अनुसार यह सभी कक्षा आठ पास हैं। इन सभी को एसआईआर की जानकारी नहीं है। सीएमओ को निर्देेश दिए गए हैं। इनके साथ जानकार कर्मचारियों की तैनाती की गई है।