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आलू के भाव में गिरावट से किसान परेशान
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मलिकपुर(कन्नौज)। आलू का भाव अच्छा न मिलने से इस बार निकासी धीमी है। इससे शीतगृह स्वामी परेशान हैं। वहीं किसानाें का कहना है कि सरकार आलू का समर्थन मूल्य घोषित कर खरीदारी कराए।
किसान कुलवीर सिंह ने बताया कि आलू शीतगृह में रखा है। सही भाव नहीं मिल रहे हैं। कच्ची फसल के दौरान भाव ठीक था। वहीं किसान अनिल माथुर ने कहा कि कच्ची फसल में सफेद आलू प्रति पैकेट 200 से लेकर 250 और लाल कंचन 300 से लेकर 400 रुपये प्रति पैकेट खेत में बिका था। इस समय दाम इससे नीचे हैं। भैंसियापुर के किसान जितेंद्र सिंह कहते हैं कि यदि भाव में उछाल न आया तो आर्थिक बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को मूल्य निर्धारित कर खरीद करानी चाहिए।
किसान जनार्दन मौर्या ने बताया कि आलू का सही मूल्य न मिलने से किसान परेशान हैं। इस समय सफेद आलू पौने दो सौ रुपये से लेकर सवा दो सौ रुपये पैकेट व लाल कंचन प्रजाति का आलू दो सौ से लेकर ढाई सौ रुपये तक बिक रहा है। शीतगृह के मुनीम गुलाम दस्गीर के मुताबिक किसानों व व्यापारी का आलू भंडारित है। मई व जून में 15 से लेकर 20 फीसदी तक निकासी हो जाती थी। इस बार भाव में गिरावट से छह से आठ फीसदी ही निक ासी हुई है।
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किसान कुलवीर सिंह ने बताया कि आलू शीतगृह में रखा है। सही भाव नहीं मिल रहे हैं। कच्ची फसल के दौरान भाव ठीक था। वहीं किसान अनिल माथुर ने कहा कि कच्ची फसल में सफेद आलू प्रति पैकेट 200 से लेकर 250 और लाल कंचन 300 से लेकर 400 रुपये प्रति पैकेट खेत में बिका था। इस समय दाम इससे नीचे हैं। भैंसियापुर के किसान जितेंद्र सिंह कहते हैं कि यदि भाव में उछाल न आया तो आर्थिक बजट बिगड़ जाएगा। सरकार को मूल्य निर्धारित कर खरीद करानी चाहिए।
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किसान जनार्दन मौर्या ने बताया कि आलू का सही मूल्य न मिलने से किसान परेशान हैं। इस समय सफेद आलू पौने दो सौ रुपये से लेकर सवा दो सौ रुपये पैकेट व लाल कंचन प्रजाति का आलू दो सौ से लेकर ढाई सौ रुपये तक बिक रहा है। शीतगृह के मुनीम गुलाम दस्गीर के मुताबिक किसानों व व्यापारी का आलू भंडारित है। मई व जून में 15 से लेकर 20 फीसदी तक निकासी हो जाती थी। इस बार भाव में गिरावट से छह से आठ फीसदी ही निक ासी हुई है।
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