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कूड़े में किसान फेंक रहे टमाटर और भिंडी
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सड़क के किनारे भिंड़ी फेकता किसान
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज/जलालपुर पनवारा/तालग्राम। लॉकडाउन में किसान दोहरी मार से परेशान हैं। सबसे ज्यादा सब्जी किसानों की हालत खराब हैं। बाहर क्षेत्रों में बाजार न जा पाने से सब्जी को औने-पौने दाम में बेचना पड़ रहा है। सॉस फैक्टरियों में मांग घटने से टमाटर बर्बाद हो गया और भिंडी की भी कीमत गिर गई है। शनिवार को सदर ब्लाक के जलालपुर पनवारा क्षेत्र में कई किसानों ने टमाटर कूड़े में फेंके थे और रविवार को तालग्राम क्षेत्र में कुछ किसानों ने भिड़ी में घाटा देख उसे सड़क किनारे फेंक दिया।
क्षेत्रीय किसान अशोक कुमार ने बताया कि इस बार 24 बीघा में टमाटर की खेती की थी। लॉकडाउन से खरीदार न मिलने पर टमाटर फेंकने पड़ रहे हैं। ब्रज किशोर ने छह बीघा, राजेंद्र कुमार व प्रेमचंद्र ने पांच-पांच बीघा टमाटर की खेती की थी। मुनाफा तो दूर लागत न निकलने पर ये सभी अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं। भाड़ा तक न निकल पाने से मजबूरी में किसान टमाटर, भिंडी फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी तालग्राम के अनुसार, लॉकडाउन से पहले महंगी भिंडी आज महज चार रुपये किलो बिक रही है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे आदि में खपत न होने से इसके दाम औधे मुंह गिर पड़े हैं। बीज, खाद, सिंचाई व तुड़ाई के बाद मुनाफा तो दूर किसानों को लागत निकलना मुश्किल पड़ रहा है। मजबूरी में कई किसानों ने रविवार को भिंडी को सड़क पर फेंक दिया। अमोलर क्षेत्र में दो सौ बीघा से अधिक क्षेत्रफल में किसानों ने भिंडी की खेती कर दांव लगाया। लॉकडाउन के कारण मंडियों में मांग न होने से किसान परेशान हैं। ऐसे में इसके दाम लगातार गिरने से परेशान किसान इन्हें फेंकने लगे हैं।
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क्षेत्रीय किसान अशोक कुमार ने बताया कि इस बार 24 बीघा में टमाटर की खेती की थी। लॉकडाउन से खरीदार न मिलने पर टमाटर फेंकने पड़ रहे हैं। ब्रज किशोर ने छह बीघा, राजेंद्र कुमार व प्रेमचंद्र ने पांच-पांच बीघा टमाटर की खेती की थी। मुनाफा तो दूर लागत न निकलने पर ये सभी अपनी किस्मत पर आंसू बहा रहे हैं। भाड़ा तक न निकल पाने से मजबूरी में किसान टमाटर, भिंडी फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी तालग्राम के अनुसार, लॉकडाउन से पहले महंगी भिंडी आज महज चार रुपये किलो बिक रही है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे आदि में खपत न होने से इसके दाम औधे मुंह गिर पड़े हैं। बीज, खाद, सिंचाई व तुड़ाई के बाद मुनाफा तो दूर किसानों को लागत निकलना मुश्किल पड़ रहा है। मजबूरी में कई किसानों ने रविवार को भिंडी को सड़क पर फेंक दिया। अमोलर क्षेत्र में दो सौ बीघा से अधिक क्षेत्रफल में किसानों ने भिंडी की खेती कर दांव लगाया। लॉकडाउन के कारण मंडियों में मांग न होने से किसान परेशान हैं। ऐसे में इसके दाम लगातार गिरने से परेशान किसान इन्हें फेंकने लगे हैं।
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