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Kannauj News: सदिकापुर व दरियापुर पट्टी के किसान हो रहे कर्जदार
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कन्नौज। प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के चलते सदिकापुर व दरियापुर पट्टी के किसान कर्जदार हो गए है। आलू व सरसों की फसल नाले के पानी में डूबने से बर्बाद हो गई। राजस्व टीम सर्वे करके रिपोर्ट भेजती है पर किसानों को मुआवजा नहीं मिलता है।
सदर तहसील के गांव सदिकापुर में 20 वर्षो से शेखाना नाले का पानी 250 बीघा खेती की भूमि में भरा है। यहां खेतों में फसलों की जगह पर जलकुंभी की बेल पसरी हुई है। यहां के 50 ग्रामीण खेती करने की जगह शहर में मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे है। दो माह से शेखाना नाले का पानी तेज बहाव से आ रहा था। नाले के पानी से पड़ोस के गांव दरियापुर पट्टी को भी अपनी चपेट में ले लिया। यहां पर भी 150 बीघा सल जलमग्न हो गई।
गांव के सुभाष कटियार, सुभाष चंद्र, नीरज दोहरे, पन्नेलाल, विश्राम दोहरे, हरिराम दोहरे, नत्थू दोहरे, विशाल सिंह, हरिशचंद्र, वीरेंद्र दोहरे, वीरू दोहरे सहित कई किसानों ने कर्ज लेकर फसल की बुआई की थी। फसलों में पानी भरने की सूचना पर लेखपाल ने जांच कर आख्या बनाकर भेज दी। पिछले वर्ष भी नाले के पानी से फसले बर्बाद हुई थी, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। दोनों गांव के किसान कर्जदार हो रहे है और प्रशासन के अधिकारी सुध नहीं लेते हैं। एडीएम आशीष कुमार सिंह ने बताया कि दोनो गांवों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर पीड़ित किसानों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
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सदर तहसील के गांव सदिकापुर में 20 वर्षो से शेखाना नाले का पानी 250 बीघा खेती की भूमि में भरा है। यहां खेतों में फसलों की जगह पर जलकुंभी की बेल पसरी हुई है। यहां के 50 ग्रामीण खेती करने की जगह शहर में मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे है। दो माह से शेखाना नाले का पानी तेज बहाव से आ रहा था। नाले के पानी से पड़ोस के गांव दरियापुर पट्टी को भी अपनी चपेट में ले लिया। यहां पर भी 150 बीघा सल जलमग्न हो गई।
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गांव के सुभाष कटियार, सुभाष चंद्र, नीरज दोहरे, पन्नेलाल, विश्राम दोहरे, हरिराम दोहरे, नत्थू दोहरे, विशाल सिंह, हरिशचंद्र, वीरेंद्र दोहरे, वीरू दोहरे सहित कई किसानों ने कर्ज लेकर फसल की बुआई की थी। फसलों में पानी भरने की सूचना पर लेखपाल ने जांच कर आख्या बनाकर भेज दी। पिछले वर्ष भी नाले के पानी से फसले बर्बाद हुई थी, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। दोनों गांव के किसान कर्जदार हो रहे है और प्रशासन के अधिकारी सुध नहीं लेते हैं। एडीएम आशीष कुमार सिंह ने बताया कि दोनो गांवों में राजस्व विभाग की टीम भेजकर पीड़ित किसानों को शासन के नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा।
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