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Kannauj News: बीमारी बढ़ते ही अस्पताल से सुविधाएं नदारद
Sat, 24 Jun 2023 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 24 Jun 2023 11:37 PM IST
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कन्नौज। भीषण गर्मी के बाद मानसून से पहले की बारिश होने से बीमारियां बढ़ी हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हैं। जिला अस्पताल में तो किसी तरह मरीजों को देखकर उनका इलाज हो रहा है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी में लापरवाही सामने आ रही है। एक दिन पहले जलालाबाद सीएचसी की जांच में वहां कमोबेश पूरा स्टाफ ही नदारद था। यही हाल दूसरी सीएचसी-पीएचसी का भी है।
दो दिनों से तेज उमस से बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पतालों में मरीज और उनके तीमारदारों का हुजूम उमड़ रहा है। अकेले जिला अस्पताल में रोजाना नए-पुराने 700 से 800 मरीज पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है लेकिन वहां जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सबसे बड़ी परेशानी ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टर और दूसरे सहयोगी स्टाफ की गैर हाजिरी का है। वैसी ही कहानी जिले के दूसरे सीएचसी-पीएचसी की भी है। शासन के दावे और प्रशासन की सख्ती के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के रवैये में सुधार नहीं दिख रहा है। उसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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फोटो: 10-गुगरापुर सीएचसी में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
गुगरापुर सीएचसी में नहीं मिले डॉक्टर
जलालाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुगरापुर पर स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण परेशान हैं। स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य केंद्र पर समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण दवा लेने पहुंचे वाले बीमार और तीमारदार लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। गुगरापुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही सामने आई। यहां इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी खुलने का समय सुबह 8:30 से 2:00 बजे तक है। जिससे क्षेत्र के गांव के लोग सीएचसी केंद्र पहुंचकर आसानी से दवा ले सकें और इलाज करा सकें। ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी समय से नहीं खुल रही है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले बीमार लोगों को काफी देर तक स्वास्थ्य कमियों का इंतजार करना पड़ता। अस्पताल में डॉक्टर के केबिन खाली पड़े मिले। कुछ कक्षों ताले लटके हुए नजर आए। अस्पताल में स्टाफ न आने की शिकायत कई बार ग्रामीण उच्च अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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फोटो:11- मानीमऊ पीएचसी में कम दिखी मरीजों की संख्या। संवाद
मानीमऊ पीएचसी में नहीं पहुंचते मरीज
मानीमऊ। बदले हुए मौसम के दौरान कमोबेश सभी छोटे-बड़े, सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का हुजूम उमड़ रहा है। लेकिन मानीमऊ पीएचसी में सन्नाटा ही पसरा रहता है। इस अस्पताल में डॉक्टर और दूसरा स्टाफ मौजूद मिला। यहां जरूरत की दवाएं भी हैं, लेकिन मरीज ही नहीं पहुंचते हैं। शनिवार को भी यहां सन्नाटा ही पसरा दिखा। मानीमऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीटी रोड के किनारे कस्बे में होने के बावजूद मरीज नहीं पहुंचते हैं। करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग में आठ लोगों का स्टाफ तैनात है, लेकिन रोजाना पांच से सात मरीज ही पहुंचते हैं। फार्मासिस्ट अलोक सिंह ने बताया शनिवार को तीन मरीज आए। लोगों का कहना है कि अधिकांश को पता नहीं कि मानीमऊ में सरकारी अस्पताल है। जानकारी न होने के कारण लोग जिला अस्पताल की तरफ चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में अस्पताल का होने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए, जिससे मरीज अस्पताल में जा सकें।
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24सीएचबीपी60: मरीज को परामर्श देते डॉ. अभिषेक बाजपेयी। संवाद
जिला अस्पताल संबद्ध किए गए बाल रोग विशेषज्ञ, भटक रहे मरीज
छिबरामऊ। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि तिवारी को एक माह के लिए जिला अस्पताल संबद्ध कर दिया गया है। जिससे यहां पर आने वाले मरीज भटकते हुए दिख रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा गया है।
नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को ओपीडी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्रा के अलावा डॉ. दिवाकर श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेक बाजपेयी व डॉ. मो. हसीब ड्यूटी पर थे। जबकि डॉ. स्मृति प्रताप सिंह का ऑफ था। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि तिवारी को 19 जून से जिला अस्पताल कन्नौज में संबद्ध कर दिया गया है, जिससे यहां पर आने वाले मरीज भटकते हुए देखे जाते हैं। अस्पताल के डा. महेंद्रनाथ विश्वकर्मा को अल्ट्रासाउंड ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा गया है। अस्पताल में रोजाना 120 मरीज औसतन ओपीडी में देखे जाते हैं। अस्पताल में आने वाले रोगियों ने सीएमओ से बाल रोग विशेषज्ञ को छिबरामऊ सीएचसी पर वापस किए जाने की मांग की है।
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सीएमओ बोले, लगातार हो रहा है मुआयना
सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टरों व दूसरे मेडिकल स्टाफ के गायब रहने के मामले में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से बराबर मुआयना करवाया जा रहा है। सभी को हिदायत दी जा रही है कि ड्यूटी में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर कोई बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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दो दिनों से तेज उमस से बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पतालों में मरीज और उनके तीमारदारों का हुजूम उमड़ रहा है। अकेले जिला अस्पताल में रोजाना नए-पुराने 700 से 800 मरीज पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ उमड़ रही है लेकिन वहां जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सबसे बड़ी परेशानी ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टर और दूसरे सहयोगी स्टाफ की गैर हाजिरी का है। वैसी ही कहानी जिले के दूसरे सीएचसी-पीएचसी की भी है। शासन के दावे और प्रशासन की सख्ती के बावजूद ग्रामीण इलाकों में स्थित सीएचसी-पीएचसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के रवैये में सुधार नहीं दिख रहा है। उसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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फोटो: 10-गुगरापुर सीएचसी में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी। संवाद
गुगरापुर सीएचसी में नहीं मिले डॉक्टर
जलालाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुगरापुर पर स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण परेशान हैं। स्वास्थ्य कर्मी स्वास्थ्य केंद्र पर समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, जिसके कारण दवा लेने पहुंचे वाले बीमार और तीमारदार लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। गुगरापुर में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लापरवाही सामने आई। यहां इलाज कराने पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी खुलने का समय सुबह 8:30 से 2:00 बजे तक है। जिससे क्षेत्र के गांव के लोग सीएचसी केंद्र पहुंचकर आसानी से दवा ले सकें और इलाज करा सकें। ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी समय से नहीं खुल रही है, जिससे स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने वाले बीमार लोगों को काफी देर तक स्वास्थ्य कमियों का इंतजार करना पड़ता। अस्पताल में डॉक्टर के केबिन खाली पड़े मिले। कुछ कक्षों ताले लटके हुए नजर आए। अस्पताल में स्टाफ न आने की शिकायत कई बार ग्रामीण उच्च अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
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फोटो:11- मानीमऊ पीएचसी में कम दिखी मरीजों की संख्या। संवाद
मानीमऊ पीएचसी में नहीं पहुंचते मरीज
मानीमऊ। बदले हुए मौसम के दौरान कमोबेश सभी छोटे-बड़े, सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों का हुजूम उमड़ रहा है। लेकिन मानीमऊ पीएचसी में सन्नाटा ही पसरा रहता है। इस अस्पताल में डॉक्टर और दूसरा स्टाफ मौजूद मिला। यहां जरूरत की दवाएं भी हैं, लेकिन मरीज ही नहीं पहुंचते हैं। शनिवार को भी यहां सन्नाटा ही पसरा दिखा। मानीमऊ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जीटी रोड के किनारे कस्बे में होने के बावजूद मरीज नहीं पहुंचते हैं। करोड़ों की लागत से बनी बिल्डिंग में आठ लोगों का स्टाफ तैनात है, लेकिन रोजाना पांच से सात मरीज ही पहुंचते हैं। फार्मासिस्ट अलोक सिंह ने बताया शनिवार को तीन मरीज आए। लोगों का कहना है कि अधिकांश को पता नहीं कि मानीमऊ में सरकारी अस्पताल है। जानकारी न होने के कारण लोग जिला अस्पताल की तरफ चले जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को क्षेत्र में अस्पताल का होने का प्रचार-प्रसार करना चाहिए, जिससे मरीज अस्पताल में जा सकें।
24सीएचबीपी60: मरीज को परामर्श देते डॉ. अभिषेक बाजपेयी। संवाद
जिला अस्पताल संबद्ध किए गए बाल रोग विशेषज्ञ, भटक रहे मरीज
छिबरामऊ। नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि तिवारी को एक माह के लिए जिला अस्पताल संबद्ध कर दिया गया है। जिससे यहां पर आने वाले मरीज भटकते हुए दिख रहे हैं। इसके अलावा एक अन्य चिकित्सक को अल्ट्रासाउंड ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा गया है।
नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को ओपीडी में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. राहुल मिश्रा के अलावा डॉ. दिवाकर श्रीवास्तव, डॉ. अभिषेक बाजपेयी व डॉ. मो. हसीब ड्यूटी पर थे। जबकि डॉ. स्मृति प्रताप सिंह का ऑफ था। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि तिवारी को 19 जून से जिला अस्पताल कन्नौज में संबद्ध कर दिया गया है, जिससे यहां पर आने वाले मरीज भटकते हुए देखे जाते हैं। अस्पताल के डा. महेंद्रनाथ विश्वकर्मा को अल्ट्रासाउंड ट्रेनिंग के लिए कानपुर भेजा गया है। अस्पताल में रोजाना 120 मरीज औसतन ओपीडी में देखे जाते हैं। अस्पताल में आने वाले रोगियों ने सीएमओ से बाल रोग विशेषज्ञ को छिबरामऊ सीएचसी पर वापस किए जाने की मांग की है।
सीएमओ बोले, लगातार हो रहा है मुआयना
सीएचसी-पीएचसी में डॉक्टरों व दूसरे मेडिकल स्टाफ के गायब रहने के मामले में सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से बराबर मुआयना करवाया जा रहा है। सभी को हिदायत दी जा रही है कि ड्यूटी में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अगर कोई बिना किसी सूचना के ड्यूटी से गायब पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।