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अगरबत्ती कारोबार का विस्तार स्वदेशी क्षमता से ही संभव
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कन्नौज। एफएफडीसी में केवीआईसी के तहत गैरराज्यों से आए मास्टर ट्रेनरों का 10 दिवसीय प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें हस्त कला और स्वचलित मशीनों से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला ने कहा कि अगरबत्ती कारोबार का विस्तार स्वदेशी क्षमता से ही संभव है।
देश में अगरबत्ती और धूपबत्ती कारोबार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की ओर से पहल की गई है। इसके चलते सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) कन्नौज के जरिए कर्नाटक, असम, झारखंड, जयपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा, चेन्नई, कोलकाता, गुजरात, बनारस, लखनऊ और महाराष्ट्र से आए 16 मास्टर ट्रेनरों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन बुधवार को एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला, निदेशक एपी सिंह बघेल और वैज्ञानिक ज्ञानेंद्र सिंह ने मास्टर ट्रेनरों को स्वदेशी ढंग से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया। सबसे पहले कच्चा माल तैयार करने का हुनर सिखाया।
लकड़ी के पटरे की मदद से हाथों से अगरबत्ती बनाने का सरल तरीका भी बताया गया। बड़े पैमाने पर व्यापार शुरू करने के लिए स्वचलित मशीनों से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का तरीका बताया गया। प्रधान निदेशक ने बताया कि 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह मास्टर ट्रेनर अपने-अपने राज्यों में सरकार की मदद से लोगों को प्रशिक्षण मुहैया कराएंगे।
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देश में अगरबत्ती और धूपबत्ती कारोबार को बढ़ावा देने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) की ओर से पहल की गई है। इसके चलते सुगंध एवं सुरस विकास केंद्र (एफएफडीसी) कन्नौज के जरिए कर्नाटक, असम, झारखंड, जयपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा, चेन्नई, कोलकाता, गुजरात, बनारस, लखनऊ और महाराष्ट्र से आए 16 मास्टर ट्रेनरों को 10 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन बुधवार को एफएफडीसी के प्रधान निदेशक शक्ति विनय शुक्ला, निदेशक एपी सिंह बघेल और वैज्ञानिक ज्ञानेंद्र सिंह ने मास्टर ट्रेनरों को स्वदेशी ढंग से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया। सबसे पहले कच्चा माल तैयार करने का हुनर सिखाया।
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लकड़ी के पटरे की मदद से हाथों से अगरबत्ती बनाने का सरल तरीका भी बताया गया। बड़े पैमाने पर व्यापार शुरू करने के लिए स्वचलित मशीनों से अगरबत्ती और धूपबत्ती बनाने का तरीका बताया गया। प्रधान निदेशक ने बताया कि 10 दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यह मास्टर ट्रेनर अपने-अपने राज्यों में सरकार की मदद से लोगों को प्रशिक्षण मुहैया कराएंगे।
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