फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Even after registration, 1200 farmers are still in queue.

Kannauj News: पंजीकरण के बाद भी 1200 किसान कतार में

Thu, 09 Jul 2026 12:00 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2026 12:00 AM IST
विज्ञापन
Even after registration, 1200 farmers are still in queue.
कन्नौज। जिले में सरकारी दावों के उलट न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मक्का खरीद की जमीनी हकीकत किसानों के लिए सिरदर्द साबित हो रही है। 15 जून से शुरू हुए इस अभियान को एक महीना होने जा रहा है लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के कारण अब तक महज 1246.50 मीट्रिक टन मक्का की ही खरीद हो सकी है। हैरान करने वाली बात यह है कि 1651 किसानों ने अपनी फसल बेचने के लिए पंजीकरण कराया था। इसमें अब तक 360 किसान ही अपनी उपज बेच पाए हैं। यानी 1200 से अधिक किसान अभी भी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन

अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि कुल पंजीकृत किसानों में से अब तक केवल 1229 किसानों के दस्तावेजों का ही सत्यापन (वेरिफिकेशन) हो पाया है जबकि सैकड़ों किसान अब भी पोर्टल और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इसके अलावा जिन 360 किसानों से मक्का खरीदा गया है, उनमें से भी सभी को भुगतान नहीं मिला है। आंकड़ों के मुताबिक, 40 किसान अभी भी 2.68 करोड़ के भुगतान के लिए बैंकों और पीएफएमएस प्रणाली के भरोसे बैठे हैं। 48 घंटे के भीतर भुगतान का दावा महज कागजी साबित हो रहा है।
विज्ञापन

ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहे क्रय केंद्र
पूरे जिले के किसानों के लिए खाद्य विभाग ने सिर्फ 10 क्रय केंद्र खोले हैं। इनमें सदर तहसील में महज दो और तिर्वा में तीन केंद्र हैं। छिबरामऊ में पांच केंद्र होने के बावजूद किसानों की भारी भीड़ के आगे ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। हालांकि, औपचारिकता पूरी करने के लिए जलालाबाद के फत्तेहपुर बी-पैक्स में एक नया केंद्र खोला गया है, लेकिन दूरदराज के गांवों से मक्का लेकर आने वाले किसानों को उतराई और छनाई के नाम पर मिलने वाले 20 रुपये प्रति क्विंटल के अतिरिक्त भुगतान से ज्यादा का नुकसान परिवहन और क्रय केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों में हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
जिले में जिन किसानों की उपज का सत्यापन हो चुका है, उनकी तौल कराई जा रही है। जो किसान बेच चुके हैं, उनका भुगतान खाते में भेजा जा रहा है। यदि किसी केंद्र पर अनियमितताएं मिलीं, तो केंद्र प्रभारी पर कार्रवाई की जाएगी।
-लालमणि पांडेय, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed