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Kannauj News: खखरेरू नगर पंचायत का चुनाव काफी रोमांचक
Sat, 29 Apr 2023 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Sat, 29 Apr 2023 11:49 PM IST
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खागा। तहसील मुख्यालय खागा से करीब 17 किमी दूर स्थित खखरेरू नगर पंचायत का चुनाव काफी रोमांचक है। ग्राम सभा से नगर पंचायत में तब्दील हुए खखरेरू का पहला अध्यक्ष 13 मई को पता चलेगा। इसके लिए प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत लगा रखी है। दलीय प्रत्याशियों को जहां अपनी पार्टी के परंपरागत वोटों का आसरा है, वहीं निर्दलीय प्रत्याशियों ने वोटों के विभाजन के लिए जबरदस्त घेराबंदी कर रखी है, जिसे देखकर दलीय प्रत्याशियों की सांस फूल रही है।
खखरेरू नगर पंचायत में 19699 मतदाता हैं। इसमें सबसे अधिक मतदाता अनुसूचित जाति के हैं। इनकी संख्या लगभग 6500 है। इसके बाद खखरेरू में सबसे अधिक मतदाता मुस्लिम समाज के हैं और इनकी संख्या लगभग 4000 है। इसी क्रम में लगभग दो हजार की संख्या में ब्राह्मण मतदाता हैं और दो हजार कुर्मी व दो हजार वैश्य समाज के मतदाता हैं। शेष में अन्य जाति के मतदाता हैं। यहां भाजपा के प्रत्याशी राजेश सिंह, सपा से जय सिंह यादव, बसपा से मोहम्मद इसराइल और कांग्रेस से राजकुमार प्रत्याशी हैं। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी अनुज त्रिपाठी और ज्ञान केसरवानी भी मैदान में हैं। कस्बे में सबसे अधिक मतदाता अनुसूचित जाति का है और खखरेरू अनारक्षित सीट है। ऐसे में अनुसूचित जाति के मतदाता यहां पर निर्णायक की भूमिका अदा करेंगे। फिलहाल निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी सामाजिक छवि को लेकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं की घेराबंदी कर रखी है और यह देखकर दलीय प्रत्याशी बेहद ही फिक्र में है।
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मुस्लिम और अनुसूचित मतदाता मिले तो नैया पार
खागा। खखरेरू नगर पंचायत में सबसे अधिक अनुसूचित मतदाता और दूसरे नंबर पर मुस्लिम मतदाता हैं। प्रत्याशी को अपनी पार्टी व जाति के वोटों के साथ ही इन दो वर्गों के मतदाताओं का रुझान हासिल करना होगा, जिससे उसकी नाव चुनावी नदी पार कर सके।
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निर्दलीय प्रत्याशी कर चुके हैं जीत हासिल
खागा। निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव जीतने का उदाहरण तहसील क्षेत्र में देखने को मिला है। वर्ष 2017 के चुनाव में किशनपुर नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र सोनकर ने जीत हासिल की और यहां मतदाताओं ने भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा को पहली पसंद बनाने से इंकार किया था। जीत के बाद सुरेंद्र सोनकर ने भाजपा का दामन थाम लिया था।
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खखरेरू नगर पंचायत में 19699 मतदाता हैं। इसमें सबसे अधिक मतदाता अनुसूचित जाति के हैं। इनकी संख्या लगभग 6500 है। इसके बाद खखरेरू में सबसे अधिक मतदाता मुस्लिम समाज के हैं और इनकी संख्या लगभग 4000 है। इसी क्रम में लगभग दो हजार की संख्या में ब्राह्मण मतदाता हैं और दो हजार कुर्मी व दो हजार वैश्य समाज के मतदाता हैं। शेष में अन्य जाति के मतदाता हैं। यहां भाजपा के प्रत्याशी राजेश सिंह, सपा से जय सिंह यादव, बसपा से मोहम्मद इसराइल और कांग्रेस से राजकुमार प्रत्याशी हैं। इसके अलावा निर्दलीय प्रत्याशी अनुज त्रिपाठी और ज्ञान केसरवानी भी मैदान में हैं। कस्बे में सबसे अधिक मतदाता अनुसूचित जाति का है और खखरेरू अनारक्षित सीट है। ऐसे में अनुसूचित जाति के मतदाता यहां पर निर्णायक की भूमिका अदा करेंगे। फिलहाल निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपनी सामाजिक छवि को लेकर अनुसूचित जाति के मतदाताओं की घेराबंदी कर रखी है और यह देखकर दलीय प्रत्याशी बेहद ही फिक्र में है।
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मुस्लिम और अनुसूचित मतदाता मिले तो नैया पार
खागा। खखरेरू नगर पंचायत में सबसे अधिक अनुसूचित मतदाता और दूसरे नंबर पर मुस्लिम मतदाता हैं। प्रत्याशी को अपनी पार्टी व जाति के वोटों के साथ ही इन दो वर्गों के मतदाताओं का रुझान हासिल करना होगा, जिससे उसकी नाव चुनावी नदी पार कर सके।
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निर्दलीय प्रत्याशी कर चुके हैं जीत हासिल
खागा। निर्दलीय प्रत्याशी के चुनाव जीतने का उदाहरण तहसील क्षेत्र में देखने को मिला है। वर्ष 2017 के चुनाव में किशनपुर नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी सुरेंद्र सोनकर ने जीत हासिल की और यहां मतदाताओं ने भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा को पहली पसंद बनाने से इंकार किया था। जीत के बाद सुरेंद्र सोनकर ने भाजपा का दामन थाम लिया था।
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