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एक महीने में अन्ना मवेशी ने ली तीसरी जान
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मियागंज में हादसे के बाद नाराजगी जताते ग्रामीण।
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। फसलों के बाद अन्ना मवेशी लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। एक महीने के भीतर जिले में तीसरी जान अन्ना मवेशी ने ले ली। मियागंज में एक वृद्ध को रविवार रात अन्ना मवेशी ने पटक दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इससे पहले तीन मार्च को कसावा और 19 फरवरी को इंदरगढ़ में दो किसानों की अन्ना मवेशी जान ले चुके हैं। पूरे मामले में अफसरों की लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों ने 10 दिन पहले ही अन्ना सांड़ को पकड़ने के लिए सदर तहसील में प्रार्थनापत्र दिया था। रविवार रात हुए हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है।
मियागंज में अन्ना जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं। मवेशी फसल के साथ ही किसानों की जान के दुश्मन भी बनने लगे हैं। रविवार रात को मियागंज निवासी सब्जी विक्रेता मदारबख्श रायनी (65) घर के बाहर बैठे थे। गांव में घूम रहे अन्ना सांड़ ने पटक-पटककर मार डाला। जब तक परिवार के लोग पहुंचे, मदारबख्श की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। लोगों ने सांड़ को लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया। 10 दिन पहले ग्रामीण महावीर सिंह, अनूप कुमार, राजेंद्र कुमार, रामआसरे यादव, सत्यभान सिंह और गुड्डू ने सदर तहसील में अन्ना सांड़ को पकड़वाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोई अधिकारी या कर्मचारी गांव नहीं आया। मृतक के पुत्र बदरी अली ने बताया कि अगर सांड़ को पकड़ लिया जाता तो पिता की जान बच जाती।
इससे पहले तीन मार्च को कसावा के गांव बटो निवासी किसान प्यारेलाल और 19 फरवरी को इंदरगढ़ निवासी किसान जागेश्वर पर हमला कर अन्ना सांड़ ने मौत के घाट उतार दिया था।
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मियागंज में अन्ना जानवर सड़कों पर घूम रहे हैं। मवेशी फसल के साथ ही किसानों की जान के दुश्मन भी बनने लगे हैं। रविवार रात को मियागंज निवासी सब्जी विक्रेता मदारबख्श रायनी (65) घर के बाहर बैठे थे। गांव में घूम रहे अन्ना सांड़ ने पटक-पटककर मार डाला। जब तक परिवार के लोग पहुंचे, मदारबख्श की मौत हो चुकी थी। हादसे के बाद परिवार में चीख पुकार मच गई। लोगों ने सांड़ को लाठी-डंडे लेकर दौड़ाया। 10 दिन पहले ग्रामीण महावीर सिंह, अनूप कुमार, राजेंद्र कुमार, रामआसरे यादव, सत्यभान सिंह और गुड्डू ने सदर तहसील में अन्ना सांड़ को पकड़वाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। कोई अधिकारी या कर्मचारी गांव नहीं आया। मृतक के पुत्र बदरी अली ने बताया कि अगर सांड़ को पकड़ लिया जाता तो पिता की जान बच जाती।
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इससे पहले तीन मार्च को कसावा के गांव बटो निवासी किसान प्यारेलाल और 19 फरवरी को इंदरगढ़ निवासी किसान जागेश्वर पर हमला कर अन्ना सांड़ ने मौत के घाट उतार दिया था।
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