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Kannauj News: इत्रनगरी बन रही डंपिंग ग्राउंड, मुद्दे से गायब है कूड़े का ढेर

Fri, 05 May 2023 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज Updated Fri, 05 May 2023 12:30 AM IST
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Dumping ground is being built in Itranagi, garbage pile is missing from the issue
कन्नौज। शहर की सरकार बनाने के लिए जनता के मुद्दे गायब हैं। सियासी बयार के सहारे जातीय गोलबंदी करके माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है। अलग-अलग टोलियों और गुटों में बंटे चेहरे लोगों को उनके काम पर काम और बिरादरी का हवाला ज्यादा दे रहे हैं। सियासी मंच से राजनैतिक तीर चलाए जा रहे हैं। समर्थक उस पर तालियां पीट रहे हैं। सियासी कटाक्ष का दौर जारी है। आम लोगों के हित और उनके मुद्दों पर चर्चा नहीं हो रही है।
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देश-दुनिया में खुशबू के शहर से पहचान रखने वाले कन्नौज की गलियों में इत्र के सैकड़ों कारखाने हैं। कारखानों की गलियों में हर ओर खुशबू ही खुशबू रहती है। उसकी दूसरी तरफ एक कड़वी सच्चाई यह भी है कि खुशबू के इस शहर में कूड़ा निस्तारण का पुख्ता इंतजाम नहीं है। डेढ़ दशक पहले बने कूड़ा निस्तारण प्लांट कई साल तक बंद रहा। शुरू भी हुआ तो वहां पहले से जमा कूड़ा का ही निस्तारण हुआ। इस बीच शहर में रोजाना निकलने वाले टनों कूड़े को प्लांट में डालने के बजाए सड़कों के किनारे फेंका जा रहा है। उससे निकलने वाला जहरीला धुआं लोगों को परेशान कर रहा है। चुनाव में इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार जाति-बिरादरी और धर्म का हवाला देकर वोट मांग रहे हैं। दिखावे के लिए विकास की बात हो रही है लेकिन अंदर ही अंदर बिरादरी से समर्थन की गुहार लग रही है।
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रोजाना निकलता है 40 से 50 टन कूड़ा
दरअसल एक लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहर में रोजाना औसतन 50 टन कूड़ा निकलता है। हैरानी यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में निकलने वाले कूड़ों का निस्तारण नहीं हो रहा है। नगर पालिका की टीम शहर के अलग-अलग इलाकों से कूड़ों को उठाकर उसे अलग-अलग सड़कों के किनारे डाल देती है। कानपुर जाने वाली सड़क हो या फिर दिल्ली की ओर जाने वाली सड़क। दोनों ओर दूर-दूर तक सड़क किनारे कूड़ा ही कूड़ा दिख रहा है। शहर को गांवों से जोड़ने वाली छोटी सड़कों को भी दोनों तरफ कूड़ों से पाट दिया गया है। रोजाना निकलने वाले कूड़ों का निस्तारण न होना शहर की तरक्की की राह में रोड़ा बन रहा है।
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क्रिकेट ग्राउंड की प्रस्तावित जमीन को बना डाला कूड़ाघर
नगर पालिका ने शहर के करीब एफएफडीसी के पास स्टेडियम के लिए अधिगृहित हो चुकी करीब 100 एकड़ जमीन को भी नहीं छोड़ा है। पहले वहां खनन माफिया ने जगह-जगह मिट्टी खोद डाली थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद खनन रुका तो उन गड्ढों में पालिका कर्मी कूड़ा डाल रहे हैं। इसके अलावा शहर के तालाब में भी कूड़ा डाला जा रहा है। उसका अस्तित्व खत्म हो रहा है।
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