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यूपी : गोभी की फसल पर सूखा रोग और कीटों का हमला
Thu, 02 Sep 2021 11:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, तालग्राम(कन्नौज)
अमर उजाला ब्यूरो, तालग्राम(कन्नौज)
Published by: कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 11:36 AM IST
सार
कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को जैविक दवाओं का प्रयोग कर फसल को बचाने की सलाह दी और बताया कि अगर एक बीघा भूमि में साढ़े तीन से चार क्विंटल गोबर की खाद रोपाई से पहले खेत में मिला लें। इससे सूखा रोग और कीटों से फसल को बचाया जा सकता है।
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अमोलर में गोभी की फसल देखता किसान ।
- फोटो : KANNAUJ
विस्तार
इस समय इलाके में किसानों ने अगेती गोभी की फसल बोई है। फसल पर सूखा रोग और कीटों का हमला शुरू हो गया है। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को जैविक दवाओं का प्रयोग कर फसल को बचाने की सलाह दी है। अमोलर के किसान अवधेश कश्यप, रामकुमार कुशवाहा और सुरजीत ने बताया कि सूखा रोग और चैंपा कीट फसल पर दिखाई देने लगा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमर सिंह ने बताया कि इस फसल को अपेक्षाकृत अधिक पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इससे जरूरी है कि एक बीघा भूमि में साढ़े तीन से चार क्विंटल गोबर की खाद रोपाई से पहले खेत में मिला लें। इससे सूखा रोग और कीटों से फसल को बचाया जा सकता है।
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गोभी को खतरा पहुंचाने वाले कीट
चैंपा कीट : यह कीट फसल की पत्तियों और पौधे के कोमल भागों का रस चूसता है। इससे पत्तियों का रंग पीला पड़ने लगा है। राजकीय बीज भंडार प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि नियंत्रण के लिए नीम का काढ़ा या गो-मूत्र को माइक्रो झाइम के साथ मिला लें। 250 मिलीलीटर को एक स्प्रे टंकी में 15 लीटर पानी मिलाकर छिड़काव करें।
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कैबेज मैनेट : यह कीट गोभी फसल की जड़ों पर आक्रमण करता है। इससे पौधे सूख जाते हैं। कृषि तकनीकी सहायता प्रबंधक बमरौली शिवपाल सिंह ने बताया कि इसकी रोकथाम के लिए खेत में नीम की खाद का इस्तेमाल करना चाहिए।
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डायमंड बैकमोथ : यह कीट कत्थई रंग के एक सेंटीमीटर लंबे होते हैं। यह पौधों की पत्तियों के किनारों को खाते हैं। कृषि प्राविधिक सहायक अमोलर नितिन कुमार ने बताया कि नियंत्रण के लिए जैविक नीम आधारित दवाओं का कृषि वैज्ञानिक की सलाह लेकर खेत के हिसाब से उचित मात्रा में छिड़काव करना चाहिए।
कैंब्रिज वर्म: यह पत्तियों को खाता है। इससे पत्तियों की आकृति बिगड़ जाती है। कृषि वैज्ञानिक के मुताबिक इसकी रोकथाम के लिए नीम का काढ़ा या गोमूत्र को माइक्रो झाइम के साथ फसल पर छिड़कना चाहिए।