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Kannauj News: 13 गांवों में पेयजल संकट, ग्रामीणों में आक्रोश
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अमोलर। प्रधान व सचिव की लापरवाही से एक माह से टंकी के नलकूप की खराब मोटर सही न होने से ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। पंचायत के मजरों में लगे हैंडपंप 50 फीसदी खराब हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि तीन दिन में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विकास खंड तालग्राम की अमोलर ग्राम पंचायत में टंकी के दोनों नलकूप खराब है। एक नलकूप सालों से तो दूसरे की मोटर एक माह से खराब है। इससे 450 किलोलीटर क्षमता वाली टंकी से सप्लाई न होने से 13 मजरों की 15 हजार की आबादी पानी संकट से जूझ रही है। मिथलेश, रावेंद्र सिंह, संतोष शुक्ला, संतोष, अमर सिंह, मान सिंह, पंकज आदि ने बताया कि एक माह से मोटर खराब होने से पानी सप्लाई नहीं हो रही है। निजी सबमर्सिबल व हैंडपंप पर ग्रामीण पानी भरने को मजबूर हैं।
अमोलर बाजार में लगे चारों हैंडपंप खराब हैं। गांवों में लगे हैंडपंप पंचायत प्रधान और सचिव की लापरवाही के चलते 50 फीसदी खराब हैं। बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए सचिव को निर्देशित किया जाएगा, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इन 13 गांवों में पेयजल संकट
अमोलर ग्राम पंचायत के मझइया, ढिपारा, दलापुर्वा, बिचपुर्वा, बरियापुर्वा, कैथनपुर्वा, सीतापुर्वा, बघेलेपुर्वा, बिरियाहार, अमथरा, टिकुरियन समेत 13 गांवों में जलापूर्ति न होने से पेयजल संकट है।
फोटो :04: नलकूप का खुला बोरवेल। संवाद
खुला बोरवेल, हादसे की आशंका
पानी टंकी का एक पंप हाउस कई सालों से खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि उसका मोटर चोरी हो गया था। पाइप लाइन भी निकालकर प्रधान ने कहीं रखवा दी है, जबकि उसका बोरवेल खुला पड़ा है, जिससे कभी कोई हादसा हो सकता है।
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विकास खंड तालग्राम की अमोलर ग्राम पंचायत में टंकी के दोनों नलकूप खराब है। एक नलकूप सालों से तो दूसरे की मोटर एक माह से खराब है। इससे 450 किलोलीटर क्षमता वाली टंकी से सप्लाई न होने से 13 मजरों की 15 हजार की आबादी पानी संकट से जूझ रही है। मिथलेश, रावेंद्र सिंह, संतोष शुक्ला, संतोष, अमर सिंह, मान सिंह, पंकज आदि ने बताया कि एक माह से मोटर खराब होने से पानी सप्लाई नहीं हो रही है। निजी सबमर्सिबल व हैंडपंप पर ग्रामीण पानी भरने को मजबूर हैं।
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अमोलर बाजार में लगे चारों हैंडपंप खराब हैं। गांवों में लगे हैंडपंप पंचायत प्रधान और सचिव की लापरवाही के चलते 50 फीसदी खराब हैं। बीडीओ मनोज कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की जानकारी नहीं है। पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए सचिव को निर्देशित किया जाएगा, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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इन 13 गांवों में पेयजल संकट
अमोलर ग्राम पंचायत के मझइया, ढिपारा, दलापुर्वा, बिचपुर्वा, बरियापुर्वा, कैथनपुर्वा, सीतापुर्वा, बघेलेपुर्वा, बिरियाहार, अमथरा, टिकुरियन समेत 13 गांवों में जलापूर्ति न होने से पेयजल संकट है।
फोटो :04: नलकूप का खुला बोरवेल। संवाद
खुला बोरवेल, हादसे की आशंका
पानी टंकी का एक पंप हाउस कई सालों से खराब है। ग्रामीणों ने बताया कि उसका मोटर चोरी हो गया था। पाइप लाइन भी निकालकर प्रधान ने कहीं रखवा दी है, जबकि उसका बोरवेल खुला पड़ा है, जिससे कभी कोई हादसा हो सकता है।