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डॉक्टरी छोड़ मत्स्य पालन किया, बनाया रिकार्ड

Sun, 29 Dec 2019 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Dec 2019 12:33 AM IST
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doktaree chhod matsy paalan kiya, banaaya rikaard
तालाब में मछलियां पकड़ते मत्स्य पालक शनि। - फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। उमर्दा इलाके के युवक ने डॉक्टरी का पेशा छोड़कर मत्स्य पालन को तवज्जो दी। आधा हेक्टेयर तालाब में 40 क्विंटल पैदावार कर जिले में रिकार्ड कायम किया है। हाकिमों ने किसान दिवस पर मत्स्य पालक शनि बाथम को सम्मानित किया है।
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उमर्दा ब्लाक के डम्मरपुर निवासी शनि बाथम ने डीएचपी (डिप्लोमा होम्पैथिक फार्मेसी) की डिग्री ले रखी है। इसमें मन नहीं लगा। बचपन में बाबा राम किशन व चाचा प्रेमचंद्र बाथम को मत्स्य पालन करते देख था। इसी ओर रुझान हो गया। शनि ने मत्स्य पालन के लिए विभाग से संपर्क किया। 0.725 हेक्टेयर का पट्टा करवाया। इसमें एक लाख मछली का बीज डाला। विभाग से मिले दाना, चूना व दवा का समय-समय का प्रयोग किया। शनि ने छोटे से क्षेत्रफल में 40 क्विंटल मछली की पैदावार कर रिकार्ड बनाया है। रिकार्ड उत्पादन पर शनि को किसान दिवस पर सात हजार रुपये, प्रशस्ति पत्र व शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।
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तालाब की करवाई सफाई
शनि बाथम को घर में मत्स्य पालन के अनुभव का फायदा मिला। उन्होंने पट्टा मिलने के बाद तालाब की सफाई करवाई। तालाब से सौरिया मछली को पकड़वाया। यह दूसरी मछलियों को खा जाती है। इसके बाद उन्होंने विभाग से मिले बीज को तालाब में छोड़ा।
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बुझा हुआ चूना होता है फायदेमंद
प्रगतिशील मत्स्य पालक शनि बाथम को शिक्षित होने का भी फायदा मिला। वह लगातार विभाग के संपर्क में रहे। उन्होंने बताया कि विभाग ने बेहतर मत्स्य पालन के लिए तालाब में बुझे चूने व क्लोराइड दवा डालने की नसीहत दी थी। इससे तालाब में मछलियां बीमार नहीं र्हुइं। इन्हें बढ़ने में आसानी हुई। इनके मुताबिक मछलियों का वजन हर दिन बढ़ता है।

40 हजार खर्च कर करीब दो लाख कमाए
शनि ने मत्स्य पालन पर करीब 40 हजार रुपये खर्च किए। इसमें तालाब की सफाई, समय-समय पर दवा का छिड़काव, मछलियों का दाना, आसपास की सफाई आदि शामिल है। बेहतर पैदावार होने पर करीब दो लाख रुपये की बचत हुई है।
मत्स्य पालन में शनि ने अच्छा काम किया है। वह समय-समय पर विभाग से राय लेते रहे। इसका फायदा मिला। अन्य मत्स्य पालकों को जागरूक होने की जरूरत है।
-एसके शैलेट, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य।
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