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दो किलो की रजाई, कैसे बचे सर्दी
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सर्दी से बचाव के लिए रजाई ओढ़कर नगर क्षेत्र के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पढ़ती छात्राए?
- फोटो : KANNAUJ
कन्नौज। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में सर्दी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। दो किलो रुई की रजाई में यह ठिठुरती रहती हैं। करीब पांच किलो रुई की दरकार है। कक्षों में शिक्षण के दौरान भी छात्राएं कंपकंपाती रहती हैं। ऐसे में इनके बीमार होने का खतरा है। इसके बावजूद अवकाश नहीं किया गया है।
कन्नौज नगर के नसरापुर, जलालाबाद ब्लाक में अनौगी, तालग्राम ब्लाक में तेराजाकेट, मित्रसेनपुर, छिबरामऊ में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। यहां कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं के दाखिले हैं। 500 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कई दिनों से जारी सर्दी व गलन के बाद भी अवकाश घोषित नहीं किया गया। सर्दी में पठन पाठन में दिक्कत हो रही है। दिन में धूप न निकलने से परेशानी बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के विद्यालयों में अवकाश कर दिया है। यह विद्यालय खुल रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकतर छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इनके परिवारों के पास भी सर्दी से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। छात्राओं को गुणवत्तायुक्त भोजन सहित अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। किसी भी छात्रा को कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। अधिक सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर अवकाश का निर्णय लिया जाएगा।
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-केके ओझा, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी।
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कन्नौज नगर के नसरापुर, जलालाबाद ब्लाक में अनौगी, तालग्राम ब्लाक में तेराजाकेट, मित्रसेनपुर, छिबरामऊ में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय संचालित हैं। यहां कक्षा छह से आठ तक की छात्राओं के दाखिले हैं। 500 छात्राएं अध्ययनरत हैं। कई दिनों से जारी सर्दी व गलन के बाद भी अवकाश घोषित नहीं किया गया। सर्दी में पठन पाठन में दिक्कत हो रही है। दिन में धूप न निकलने से परेशानी बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने कक्षा एक से लेकर इंटरमीडिएट तक के विद्यालयों में अवकाश कर दिया है। यह विद्यालय खुल रहे हैं।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत अधिकतर छात्राएं ग्रामीण क्षेत्र से हैं। इनके परिवारों के पास भी सर्दी से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। छात्राओं को गुणवत्तायुक्त भोजन सहित अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। किसी भी छात्रा को कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है। अधिक सर्दी को देखते हुए जिलाधिकारी से वार्ता कर अवकाश का निर्णय लिया जाएगा।
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-केके ओझा, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी।