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राशन बांटने में धांधली के विरोध में प्रदर्शन
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sun, 31 Jan 2016 12:22 AM IST
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राशन वितरण व्यवस्था में धांधली करने एवं राशन मांगने
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पर धमकी देने की शिकायत जिलाधिकारी से की गई है। मिली जानकारी के अनुसार,
उमर्दा विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भुन्ना के अमरीश शुक्ला, लालजी
चतुर्वेदी, कन्हैया शुक्ला, संतोष शुक्ला, राजेश कटियार, राजन वाजपेयी,
मुन्ना शुक्ला, महेंद्र रैदास, राजू शुक्ला, वृजेश शुक्ला, राजेश रैदास
समेत कई ग्रामीण शनिवार को कलक्ट्रेट पहुंचे।
यहां उन्होंने कोरे राशन कार्ड दिखाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद में अपर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। एडीएम को सौंपे पत्र में आरोप लगाया कि भुन्ना ग्राम पंचायत के राशन कोटेदार राशन वितरण में अनियमितता बरतते हैं। आरोप लगाया कि समय पर राशन का वितरण नहीं किया जाता है। जब वे लोग राशन मांगने जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है।
आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं के राशन कार्ड भी कोटेदार अपने पास रख लेता है, जिन पर गलत तरीके से राशन वितरण की मात्रा बढ़ाकर दर्ज कर दी जाती है। बताया कि जब उपभोक्ता राशन कार्ड जमा करने का विरोध करते हैं तो कोटेदार दलित उत्पीड़न एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
शिकायत में कहा गया कि 13 जनवरी को जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जांच किए जाने पर कोटेदार की दुकान पर कई अनियमितताएं पाई गई थीं। इस पर दुकान निलंबित कर दी गई थी। इससे नाराज होकर कोटेदार अब उपभोक्ताओं के साथ गालीगलौच कर फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों ने निलंबित दुकान का अनुबंध निरस्त करने की मांग की है।
यहां उन्होंने कोरे राशन कार्ड दिखाकर प्रदर्शन किया। इसके बाद में अपर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा। एडीएम को सौंपे पत्र में आरोप लगाया कि भुन्ना ग्राम पंचायत के राशन कोटेदार राशन वितरण में अनियमितता बरतते हैं। आरोप लगाया कि समय पर राशन का वितरण नहीं किया जाता है। जब वे लोग राशन मांगने जाते हैं तो उन्हें भगा दिया जाता है।
आरोप लगाया कि उपभोक्ताओं के राशन कार्ड भी कोटेदार अपने पास रख लेता है, जिन पर गलत तरीके से राशन वितरण की मात्रा बढ़ाकर दर्ज कर दी जाती है। बताया कि जब उपभोक्ता राशन कार्ड जमा करने का विरोध करते हैं तो कोटेदार दलित उत्पीड़न एक्ट के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देते हैं। इससे उपभोक्ता परेशान हैं।
शिकायत में कहा गया कि 13 जनवरी को जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जांच किए जाने पर कोटेदार की दुकान पर कई अनियमितताएं पाई गई थीं। इस पर दुकान निलंबित कर दी गई थी। इससे नाराज होकर कोटेदार अब उपभोक्ताओं के साथ गालीगलौच कर फर्जी मुकदमे में फंसा देने की धमकी दे रहा है। ग्रामीणों ने निलंबित दुकान का अनुबंध निरस्त करने की मांग की है।