फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kannauj News ›   Dirt everywhere, sheets not changed

जगह-जगह गंदगी, चादरें तक नहीं बदलीं

Thu, 28 Apr 2016 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज Updated Thu, 28 Apr 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
Dirt everywhere, sheets not changed
मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं की शिकायत करते जनप्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मेडिकल कालेज की अव्यवस्थाओं पर सपा नेताओं द्वारा की गई शिकायतों के बाद प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी, डीजीएमई, प्राचार्य व सीएमएस ने संयुक्त रूप से करीब एक घंटे तक घूम-घूमकर मेडिकल कालेज के सभी वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई जगह गंदगी दिखी। बेड पर चादरें नहीं मिलीं। कई मरीजों ने जानबूझकर रेफर कर देने की शिकायतें कीं। इस पर प्रमुख सचिव व डीएम का पारा चढ़ गया। अफसरों ने प्राचार्य व सीएमएस और इमरजेंसी के डाक्टरों को जमकर फटकार लगाई।
विज्ञापन


प्रमुख सचिव ने अफसरों के साथ सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। यहां करीब दो दर्जन से अधिक मरीज  भर्ती थे। कई मरीजों के बेड पर चादर नहीं थी। दोनों के ही ग्लूकोज चढ़ रहा था। उस इमरजेंसी में दो जूनियर डाक्टर, तीन स्टाफ नर्स व एक फार्मासिस्ट तैनात मिलीं। सीनियर चिकित्सक के नाम पर इमरजेंसी प्रभारी डा. शादाब ही मौजूद मिले। अन्य कोई विशेषज्ञ चिकित्सक न मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। इसके बाद उनका काफिला आईसीयू में पहुंचा।
विज्ञापन


यहां की व्यवस्थाएं देख संतोष जताया। बाद में काफिला जनरल वार्ड में पहुंचा। गाइनी वार्ड में प्रसव के लिए 17 महिलाएं भर्ती थीं। 4 महिला डाक्टर मौजूद मिलीं। तीन स्टाफ नर्सें भी मौजूद थीं। यहां भी कुछ बेडों पर चादर नहीं थी। इस पर प्राचार्य से व्यवस्थाएं सुधारने को कहा। बाल रोग के आईसीयू में कोई मरीज भर्ती नहीं था। इस दौरान कुछ मरीजों ने डीजीएमई प्रमुख सचिव व डीएम से शिकायत रखी कि वह दो दिनों से भर्ती हैं। आज उन्हें यहां तैनात चिकित्सकों ने इलाज कानपुर कराने की सलाह दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया कि इस रोग के कोई डाक्टर नहीं हैं। मजबूरन वे कानपुर जा रहे हैं। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब मेडिकल कालेज में पर्याप्त डाक्टर, स्टाफ व उपकरण है तो मरीजों को क्यों रेफर  किया जा रहा है। मेडिसिन वार्ड के कुछ आगे चलने पर प्रमुख को काफी बदबू का एहसास हुआ।


देखा कि मेडिकल कचरा एक स्टोर रूम में भरा पड़ा है। इस पर डीएम व प्रमुख सचिव दोनों भड़क गए और कचरा निस्तारण के लिए काम में लगे आउट सोर्सिंग कंपनी के मैनेजर को बुलाकर जमकर फटकारा। सुधार न होने पर जेल तक भेजने की चेतावनी दी। बाद में प्राचार्य डीएस मार्तोलिया व सीएमएस डा. दिलीप सिंह को डांटा और कहा कि मेडिकल कालेज के हालात अच्छे नहीं हैं। एक सप्ताह में व्यवस्थाएं सुधारें वरना शासन स्तर पर कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी करेंगे।  

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed