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Kannauj News: विश्वविद्यालय परीक्षा में डिजिटल मूल्यांकन शुरू
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पीएसएम डिग्री कॉलेज में डिजिटल मूल्यांकन करते परीक्षक।
- फोटो : पीएसएम डिग्री कॉलेज में डिजिटल मूल्यांकन करते परीक्षक।
कन्नौज। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय ने अब परीक्षाओं का डिजिटल मूल्यांकन शुरू कर दिया है। इससे परीक्षार्थियों को स्क्रूटनी कराने में आसानी होगी तो परीक्षकों को भी सुविधा होगी। जिले में पीएसएम डिग्री कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। वहां विश्वविद्यालय की तरफ से 40 कंप्यूटर लगाए गए हैं।
विश्वविद्यालय परीक्षाओं के बाद अब सभी विषयों का डिजिटल प्लेटफार्म पर मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है, जो तीन माह तक चलेगा। मूल्यांकन निरीक्षक डॉ. शीशपाल सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में विषम सेमेस्टर का मूल्यांकन चल रहा है, जिसमें हिंदी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल, चित्रकला विषयों की कापियां ऑनलाइन जांची जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय की अभिनव पहल है। इसके माध्यम से पारदर्शी मूल्यांकन होगा।
स्कैन कर उत्तर-पुस्तिकाएं की गईं अपलोड
केंद्र समन्वयक अनुराग कटियार ने बताया कि विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सभी उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर अपलोड कर दिया गया है। सभी परीक्षकों की एक बायोमीट्रिक आईडी बनाई गई है। हर कंप्यूटर को बायोमीट्रिक स्कैनर से जोड़ा गया है। परीक्षक को भी अपने विषय के अनुसार आईडी खोलकर मूल्यांकन करना होता है, जिसमें उन्हें भी पता नहीं रहता है कि उत्तर पुस्तिका किस जिले की या किस परीक्षार्थी की होगी। प्रत्येक प्रश्न के अंक भी ऑनलाइन पोर्टल पर ही दर्ज किए जाएंगे।
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पुनर्मूल्यांकन में भी होगी आसानी
पीएसएम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य एवं मूल्यांकन के नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से परीक्षार्थियों को भी आसानी होगी। यदि कोई परीक्षार्थी नंबरों से संतुष्ट नहीं है तो वह विश्वविद्यालय जाकर ऑनलाइन पुनर्मूल्यांकन करा सकता है। यह प्रक्रिया बेहद आसान है। पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका हमेशा अपलोड रहेगी। डिजिटल मूल्यांकन में एक परीक्षक को 200 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अनिवार्य है।
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विश्वविद्यालय परीक्षाओं के बाद अब सभी विषयों का डिजिटल प्लेटफार्म पर मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है, जो तीन माह तक चलेगा। मूल्यांकन निरीक्षक डॉ. शीशपाल सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में विषम सेमेस्टर का मूल्यांकन चल रहा है, जिसमें हिंदी, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, भूगोल, चित्रकला विषयों की कापियां ऑनलाइन जांची जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि यह विश्वविद्यालय की अभिनव पहल है। इसके माध्यम से पारदर्शी मूल्यांकन होगा।
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स्कैन कर उत्तर-पुस्तिकाएं की गईं अपलोड
केंद्र समन्वयक अनुराग कटियार ने बताया कि विश्वविद्यालय के पोर्टल पर सभी उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर अपलोड कर दिया गया है। सभी परीक्षकों की एक बायोमीट्रिक आईडी बनाई गई है। हर कंप्यूटर को बायोमीट्रिक स्कैनर से जोड़ा गया है। परीक्षक को भी अपने विषय के अनुसार आईडी खोलकर मूल्यांकन करना होता है, जिसमें उन्हें भी पता नहीं रहता है कि उत्तर पुस्तिका किस जिले की या किस परीक्षार्थी की होगी। प्रत्येक प्रश्न के अंक भी ऑनलाइन पोर्टल पर ही दर्ज किए जाएंगे।
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पुनर्मूल्यांकन में भी होगी आसानी
पीएसएम डिग्री कॉलेज के प्राचार्य एवं मूल्यांकन के नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से परीक्षार्थियों को भी आसानी होगी। यदि कोई परीक्षार्थी नंबरों से संतुष्ट नहीं है तो वह विश्वविद्यालय जाकर ऑनलाइन पुनर्मूल्यांकन करा सकता है। यह प्रक्रिया बेहद आसान है। पोर्टल पर उत्तर पुस्तिका हमेशा अपलोड रहेगी। डिजिटल मूल्यांकन में एक परीक्षक को 200 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन अनिवार्य है।