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बिजली न मिलने से 4375 बीघा फसलें प्यासी
ब्यूरो/अमर उजाला, कन्नौज
Updated Sat, 04 Jul 2015 11:41 PM IST
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कई साल तक चली खींचतान के बाद ठूंठ बने सात राजकीय
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ट्यूबवेलों का नलकूप खंड ने रिबोर तो करा दिया लेकिन छह माह बाद भी इन्हें
बिजली नहीं मिल पाई है। इससे 4375 बीघा फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है।
इस कारण सरकार की फ्री सिंचाई की सुविधा से दर्जन भर से अधिक गांवों के
हजारों किसान वंचित हैं।
कन्नौज विकास खंड के गांव रामपुर मुढ़ेरी का राजकीय नलकूप संख्या 73 केजी, आंटी का नलकूप नंबर 49 केजी, सैयदपुर सकरी का नलकूप 77 केजी, वाहपुर का सरकारी ट्यूबवेल नंबर 3 केजी, छिबरामऊ विकास खंड के गांव खानपुर पूर्वी का नलकूप नंबर 85 सीएचजी, धींगपुर का सरकारी ट्यूबवेल नंबर 25 सीएचजी और सौरिख ब्लाक के गांव बहादुरपुर का ट्यबवेल संख्या 90 सीएचजी कई सालों तक खराब पड़े रहे।
इसकी शिकायत विधायक, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक की गई। इसके बाद पिछले साल सातों ट्यूबवेलों के रिबोर का फरमान जारी किया गया। नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय के अनुसार एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर इन ट्यूबवेलों का रिबोर कराया गया है। अब इन ट्यूबवेलों को शुरू करने के लिए बिजली की दरकार है।
ट्यूबवेल फेल होने के कारण बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर उठवा लिए थे, लेकिन अब उन्हें दोबारा स्थापित कराने की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
पुराने खराब ट्यूबवेल के पास में ही नया नलकूप रिबोर कर स्थापित किया गया है, जहां तक बिजली की केबिल पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया लेकिन विद्युतीकरण कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
मजबूरी में किसान खेतों के आसपास लगे निजी ट्यूबवेल संचालकों से 100 से 120 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से भुगतान कर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
रिबोर कराए जा चुके ट्यूबवेलों की सूची बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को भेजी जा चुकी है। उन्हें नलकूपों तक बिजली पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये का एडवांस पेमेंट किया जा चुका है। इसके बावजूद विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इस कारण चाहकर भी जलापूर्ति शुरू नहीं कर पा रहे हैं। रिबोर कराए गए ट्यूबवेलों को बिजली देने के लिए पुन: पत्र लिखा जाएगा।
-एसके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड कन्नौज।
-बीते दिनों बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को तलब कर राजकीय नलकूपों की बिजली संबंधी समस्या का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद यदि लापरवाही बरती जा रही है तो यह गंभीर मामला है। रिबोर नलकूपों को बिजली न मिलने की जांच कराएंगे। जो भी जेई, एसडीओ या अन्य अफसर जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाएंगे।
-रमेश चंद्र यादव, एडीएम।
कन्नौज विकास खंड के गांव रामपुर मुढ़ेरी का राजकीय नलकूप संख्या 73 केजी, आंटी का नलकूप नंबर 49 केजी, सैयदपुर सकरी का नलकूप 77 केजी, वाहपुर का सरकारी ट्यूबवेल नंबर 3 केजी, छिबरामऊ विकास खंड के गांव खानपुर पूर्वी का नलकूप नंबर 85 सीएचजी, धींगपुर का सरकारी ट्यूबवेल नंबर 25 सीएचजी और सौरिख ब्लाक के गांव बहादुरपुर का ट्यबवेल संख्या 90 सीएचजी कई सालों तक खराब पड़े रहे।
इसकी शिकायत विधायक, सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक की गई। इसके बाद पिछले साल सातों ट्यूबवेलों के रिबोर का फरमान जारी किया गया। नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता कार्यालय के अनुसार एक करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर इन ट्यूबवेलों का रिबोर कराया गया है। अब इन ट्यूबवेलों को शुरू करने के लिए बिजली की दरकार है।
ट्यूबवेल फेल होने के कारण बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर उठवा लिए थे, लेकिन अब उन्हें दोबारा स्थापित कराने की जहमत नहीं उठाई जा रही है।
पुराने खराब ट्यूबवेल के पास में ही नया नलकूप रिबोर कर स्थापित किया गया है, जहां तक बिजली की केबिल पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया गया लेकिन विद्युतीकरण कार्य अभी तक पूरा नहीं किया गया। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
मजबूरी में किसान खेतों के आसपास लगे निजी ट्यूबवेल संचालकों से 100 से 120 रुपये प्रति घंटा के हिसाब से भुगतान कर खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इस संबंध में बिजली विभाग के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
रिबोर कराए जा चुके ट्यूबवेलों की सूची बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को भेजी जा चुकी है। उन्हें नलकूपों तक बिजली पहुंचाने के लिए सात लाख रुपये का एडवांस पेमेंट किया जा चुका है। इसके बावजूद विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इस कारण चाहकर भी जलापूर्ति शुरू नहीं कर पा रहे हैं। रिबोर कराए गए ट्यूबवेलों को बिजली देने के लिए पुन: पत्र लिखा जाएगा।
-एसके त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड कन्नौज।
-बीते दिनों बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता को तलब कर राजकीय नलकूपों की बिजली संबंधी समस्या का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद यदि लापरवाही बरती जा रही है तो यह गंभीर मामला है। रिबोर नलकूपों को बिजली न मिलने की जांच कराएंगे। जो भी जेई, एसडीओ या अन्य अफसर जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए सख्त कदम उठाएंगे।
-रमेश चंद्र यादव, एडीएम।