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दस दिन बाद जीती शिवा, अनुज ने डाली जयमाल
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सौरिख(कन्नौज)। दस दिन से अनुज यादव की चौखट पर डेरा डाले इटावा की शिवा यादव को जीत मिल गई। अनुज व परिजनों को शिवा के प्रेम के आगे झुकना पड़ा। दोनों तरफ के परिजनों की मौजूदगी में बालाजी मंदिर में दोनों ने एक दूसरे को जयमाल पहनाई। मौजूद लोगों ने दोनों को आशीर्वाद दिया।
इटावा की भरथना कोतवाली के ग्राम नगला अजीत की रहने वाली शिवा यादव का प्रेम प्रसंग थाना क्षेत्र के ग्राम नगला विशुना निवासी अनुज यादव पुत्र कुंवर बहादुर यादव से काफी समय से चल रहा था। दोनों ने शादी करने के लिए कहा तो अनुज के परिजन तैयार नहीं हुए। इस पर शिवा ने अनुज को अपनाने के लिए अपना घर छोड़ दिया। वह 13 मई को पचास किलोमीटर दूर अनुज के घर आ गई। शिवा को दरवाजे पर देख अनुज परिजनों सहित मकान में ताला लगाकर गायब हो गया। इससे शिवा ने अनुज को पाने के लिए उसके घर के बरामदे में धरना दे दिया।
शिवा को हटाने के लिए अनुज के परिजनों ने हर हथकंडा अपनाया। वह डटी रही। आखिरकार शिवा का त्याग रंग लाया। रिश्तेदारों ने पहल कर दोनों का विवाह सकरावा के बालाजी मंदिर में करा दिया। मंदिर में हुई शादी में अनुज के माता-पिता शामिल नहीं हुए। शादी की सभी रस्में शिवा के पिता सतीश यादव ने निभाईं। इस दौरान जगवीर सिंह, जिलेदार सिंह, मनोज यादव सहित कई रिश्तेदार मौजूद रहे।
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इटावा की भरथना कोतवाली के ग्राम नगला अजीत की रहने वाली शिवा यादव का प्रेम प्रसंग थाना क्षेत्र के ग्राम नगला विशुना निवासी अनुज यादव पुत्र कुंवर बहादुर यादव से काफी समय से चल रहा था। दोनों ने शादी करने के लिए कहा तो अनुज के परिजन तैयार नहीं हुए। इस पर शिवा ने अनुज को अपनाने के लिए अपना घर छोड़ दिया। वह 13 मई को पचास किलोमीटर दूर अनुज के घर आ गई। शिवा को दरवाजे पर देख अनुज परिजनों सहित मकान में ताला लगाकर गायब हो गया। इससे शिवा ने अनुज को पाने के लिए उसके घर के बरामदे में धरना दे दिया।
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शिवा को हटाने के लिए अनुज के परिजनों ने हर हथकंडा अपनाया। वह डटी रही। आखिरकार शिवा का त्याग रंग लाया। रिश्तेदारों ने पहल कर दोनों का विवाह सकरावा के बालाजी मंदिर में करा दिया। मंदिर में हुई शादी में अनुज के माता-पिता शामिल नहीं हुए। शादी की सभी रस्में शिवा के पिता सतीश यादव ने निभाईं। इस दौरान जगवीर सिंह, जिलेदार सिंह, मनोज यादव सहित कई रिश्तेदार मौजूद रहे।
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