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फर्जी मार्कशीट बनाने वाले तीन शातिर गिरफ्तार

Thu, 23 Nov 2017 12:02 AM IST
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kannauj Updated Thu, 23 Nov 2017 12:02 AM IST
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Three vicious vendors arrested for making fake marksheets
जानकारी देते एसपी हरीश चंदर, एएसपी केसी गोस्वामी, एडीएम डीपी सिंह व पकड़े गए तीनों शातिर - फोटो : अमर उजाला
कन्नौज। फर्जी मार्कशीट, टीसी, सनद और चरित्र प्रमाणपत्र बनाने वाले दो सगे भाइयों समेत तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक आरोपी भाग निकला। फर्जी सर्टिफिकेट के लिए 15 सौ से पांच हजार रुपये तक लिए जाते थे। विशुनगढ़ के किला नगरिया इलाके में ये गोरखधंधा चल रहा था और गैंग आसपास के जनपदों में भी सक्रिय था। इनके कब्जे से 80 से ज्यादा यूपी बोर्ड और छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर के अंकपत्रों के साथ ही एक लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं। एसपी ने फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाली विशुनगढ़ और स्वाट टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
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हाईस्कूल, इंटर, स्नातक की फर्जी मार्कशीट के साथ ही सनद, चरित्र प्रमाणपत्र और टीसी बनाए जाने की सूचना एसपी हरीश चंदर को मिल रही थी। मामले की तह तक जाने के लिए उन्होंने विशुनगढ़ थानाध्यक्ष सुनील कुमार यादव व स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ को लगाया। बुधवार सुबह टीम को सूचना मिली कि विशुनगढ़ थानाक्षेत्र के किला नगरिया निवासी सगे भाई राकेश और अवधेश पुत्रगण प्यारेलाल घर पर ही फर्जी मार्कशीट बनाने का काम कर रहे हैं। मौके पर दो और लोग मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस की दोनों टीमों ने उक्त मकान पर छापेमारी की। मौके पर राकेश व अवधेश के साथ ही यशदीप शाक्य उर्फ लाला पुत्र छोटेलाल निवासी रमपुरा, छिबरामऊ को गिरफ्तार कर लिया। गैंग का सरगना उमेश यादव पुत्र धीरी सिंह निवासी गणेशपुर थाना किशनी जनपद मैनपुरी मौके से भागने में सफल हो गया।
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 मामले का खुलासा करते हुए एसपी हरीश चंदर ने बताया कि ये तीनों शातिर अपराधी हैं। लोगों को 1500 से 5000 रुपये लेकर उनकी फर्जी मार्कशीट, सनद, चरित्र प्रमाणपत्र और टीसी बनाने का काम करते हैं। यही नहीं मार्कशीट व सनद में  प्रयोग होने वाला कागज कहीं से प्राप्त कर लेते हैं। पकडे़ गए लोगों के पास से पुलिस को एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, यूपी बोर्ड हाईस्कूल की 53, इंटर की 25 फर्जी और छत्रपति शाहूजी महाराज युनिवर्सिटी की चार फर्जी मार्कशीट के साथ ही चार टीसी, 152 पासपोर्ट साइज की फोटो व चरित्र प्रमाण पत्र बरामद किए गए हैं। यह गैंग कन्नौज के अलावा हरदोई, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, शाहजहांपुर, औरैया, इटावा के युवकों व युवतियों को फंसाकर उनसे पैसा वसूलता था और फर्जी प्रमाणपत्र बनाकर देता था। एसपी के अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी गई है। गैंग के सरगना की तलाश की जा रही है। जल्द उसकी गिरफ्तारी करके मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
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यूपी बोर्ड की वेबसाइट से सर्च करते थे रोल नंबर
कन्नौज। फर्जी मार्कशीट और प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में पकड़े गए शातिर बड़ी चालाकी से काम को अंजाम देते थे। जिसकी मार्कशीट बनानी होती थी, उसके जैसे ही किसी नाम के छात्र का रोल नंबर फर्जी मार्कशीट पर अंकित करते थे। जब आनलाइन वेरीफिकेशन होता था तो उस रोल नंबर की मार्कशीट उपलब्ध हो जाती थी लेकिन जब कालेज में वेरीफिकेशन के लिए मार्कशीट आती थी तो पिता का नाम और पता अलग-अलग पाया जाता था। ज्यादातर लोग नौकरी के लिए फर्जी मार्कशीट बनवाते थे। कई युवतियां तो शादी के लिए भी इनका सहारा लेती थीं।



 
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