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देर से रेफर करने पर गई मासूम की जान

Tue, 26 Jul 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला/कन्नौज
अमर उजाला/कन्नौज Updated Tue, 26 Jul 2016 12:09 AM IST
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Referee late to the lives of innocent
अंबाला में सड़क पर कपड़े में लिपटा मिला नवजात - फोटो : अमर उजाला
तालग्राम सीएचसी पिछले 48 घंटे जच्चा-बच्चा के लिए डेथ हास्पिटल बना रहा। स्टाफ नर्स की लापरवाही से प्रसूता की हालत बिगड़ गई। उसे गुरसहायगंज सीएचसी रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान प्रसूता की जान बचाई जा सकी, लेकिन नवजात की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते रविवार की देर रात फिरोजपुर निवासी विकास यादव की 22 वर्षीय पत्नी रूबी को प्रसव पीड़ा होने लगी। इस पर विकास परिजनों की मदद से रूबी को सोमवार सुबह सीएचसी तालग्राम ले आए।
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यहां पर महिला डाक्टर के न होने के बावजूद नर्स ने उसका इलाज शुरू कर दिया। गर्भवती महिला की हालत बिगड़ती देख उसे सीएचसी गुरसहायगंज के लिए रेफर कर दिया। परिजन महिला को गुरसहायगंज अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में उसकी हालत और बिगड़ गई। गुरसहायगंज अस्पताल में प्रसव के दौरान डाक्टरों ने महिला को बचा लिया लेकिन नवजात की जान नहीं बचा सके। नवजात की मौत की खबर सुन परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।
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देर शाम तक कि सी ने थाने व सीएचसी प्रभारी से इलाज में लापरवाही बरते जाने की शिकायत नहीं की है। विदित हो कि शनिवार को तालग्राम सीएचसी पर मोहल्ला गांधी नगर निवासी परवीन बेगम (24) पत्नी रिजवान की हालत बिगड़ने पर मौत हो गई थी।
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जबकि बच्चा को सुरक्षित बचा लिया गया था।इस मामले में एमओआईसी डा. अजय यादव ने कहा स्टाफ और डाक्टरों की कमी के चलते भर्ती हुए मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। फिर भी आए मरीजों को बेहतर सेवाएं देने की लगातार कोशिश की जा रही है। गर्भवती महिला की हालत नाजुक होने पर उसकी जान बचा ली गई है।

 
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