{"_id":"57055b364f1c1b216fc811b0","slug":"nine-lakh-contractor-cheated","type":"story","status":"publish","title_hn":"पल्लेदार दिलाने का झांसा देकर नौ लाख रुपये ठगे","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पल्लेदार दिलाने का झांसा देकर नौ लाख रुपये ठगे
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Thu, 07 Apr 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
rupee
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोल्ड स्टोरेज में पल्लेदार उपलब्ध कराने नाम पर पांच लोगों ने एक ठेकेदार से नौ लाख रुपये ठग लिए। पैसे न लौटने पर ठेकेदार ने सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पांचों आरोपी जम्मू कश्मीर के निवासी है। फर्रुखाबाद जनपद के देवरामपुर ठंडी सड़क निवासी राजेश कुमार ठेकेदार हैं।
वह कोल्ड स्टोरों में पल्लेदार उपलब्ध कराने का ठेका लेते हैं। राजेश का आरोप है कि मानीमऊ स्थित कोल्ड स्टोर में पल्लेदारी करने वाले जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिला के बसंतगढ़ तहराम बद्रीनाथ पुत्र बितूराम, कठुआ जिले के विद्यनौता बिलावर निवासी रमेशचंद्र पुत्र प्रकाश, गुलाम अब्बास पुत्र अब्दुल मजीद और संजय सिंह पुत्र गौरीशंकर ने उनसे पल्लेदार उपलब्ध कराने का वादा किया।
तय हुआ कि वे 80-80 पल्लेदार उपलब्ध कराएंगे। आरोपियों ने एडवांस के रूप में 10 लाख रुपये मांगे। 20 दिसंबर 2015 को आरोपियों के खाते में 3 लाख 50 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में डाल दिया। इसके बाद 5 लाख 50 हजार रुपये दोबारा खाते में डाले गए। इस तरह कुल नौ लाख रुपये इनके खाते में भेजे गए। लेकिन जब पल्लेदार देने की बारी आई तो आरोपियों ने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
विज्ञापन
बदल-बदलकर दूसरे मोबाइल नंबर से नंबर डायल किया तो भी बात नहीं की। बाद में ये मिले तो रुपये लौटने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
वह कोल्ड स्टोरों में पल्लेदार उपलब्ध कराने का ठेका लेते हैं। राजेश का आरोप है कि मानीमऊ स्थित कोल्ड स्टोर में पल्लेदारी करने वाले जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिला के बसंतगढ़ तहराम बद्रीनाथ पुत्र बितूराम, कठुआ जिले के विद्यनौता बिलावर निवासी रमेशचंद्र पुत्र प्रकाश, गुलाम अब्बास पुत्र अब्दुल मजीद और संजय सिंह पुत्र गौरीशंकर ने उनसे पल्लेदार उपलब्ध कराने का वादा किया।
विज्ञापन
तय हुआ कि वे 80-80 पल्लेदार उपलब्ध कराएंगे। आरोपियों ने एडवांस के रूप में 10 लाख रुपये मांगे। 20 दिसंबर 2015 को आरोपियों के खाते में 3 लाख 50 हजार रुपये पहली किस्त के रूप में डाल दिया। इसके बाद 5 लाख 50 हजार रुपये दोबारा खाते में डाले गए। इस तरह कुल नौ लाख रुपये इनके खाते में भेजे गए। लेकिन जब पल्लेदार देने की बारी आई तो आरोपियों ने फोन उठाना ही बंद कर दिया।
विज्ञापन
बदल-बदलकर दूसरे मोबाइल नंबर से नंबर डायल किया तो भी बात नहीं की। बाद में ये मिले तो रुपये लौटने से इनकार कर दिया। फिलहाल पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।