{"_id":"58f3b5014f1c1b1974470d89","slug":"mafia-s-stroll-into-katari-as-well-as-crops","type":"story","status":"publish","title_hn":"फसलें पकते ही कटरी में बढ़ी माफिया की चहलकदमी ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
फसलें पकते ही कटरी में बढ़ी माफिया की चहलकदमी
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:46 PM IST
विज्ञापन
अपराध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा और काली नदी के पास फैली हजारों एकड़ पर तैयार गेहूं की फसल की कब्जेदारी के लिए कटरी में माफिया की चहलकदमी बढ़ने लगी है। कटरी में फसलों की कब्जेदारी के लिए खूनी संघर्ष नई बात नहीं है। हर साल फसल तैयार होते ही इसे कटाने के लिए गैंगवार शुरू हो जाती है।
विज्ञापन
रविवार को कटरी में खून खराब की आशंका मिलते ही कन्नौज और हरदोई जनपद के बिलग्राम थाने से पुलिस बल पहुंच गया। माफिया व किसानों के बीच बढ़ते तनाव को शांत कराया।
विज्ञापन
दरअसल रविवार को कुछ माफिया असलहों से लैस होकर खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल को कंबाइन से कटवाने लगे। ग्रामीणों ने खेतों में चल रही कंबाइन मशीन को देखते ही इसकी जानकारी फोन से पुलिस अधिकारियों को दी।
विज्ञापन
इससे भारी संख्या में पुलिस बल के साथ कोतवाली निरीक्षक अजयराज वर्मा पहुंच गए। इसके अलावा हरदोई जनपद के बिलग्राम थाने से भी पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस बल को देखते ही जबरियां फसल कटाने पहुंचे माफिया फरार हो गए। कोतवाली निरीक्षक अजयराज वर्मा ने बताया कि कब्जे के लिए दो पक्षों के बीच तनाव था। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करा दिया।
इन गांवों में चलता जंगल का कानून
गंगा नदी के दोनों ओर सरकारी जमीन पर हर साल कब्जे के लिए ताबड़तोड़ गोलियां गूंजती हैं। खेतों में खड़ी फसलों को काटने के लिए कई बार कन्नौज व हरदोई के पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो चुका है। इसके अलावा स्थानीय माफिया भी दबंगई के बल पर लघु किसानों की फसलें काट लेते हैं। कई सालों से हरदोई जनपद के कटरी बिलुही, बिछुईयां व कटरी महादेवा समेत कन्नौज के गांव भिम्मापुरवा, रायपुर लड़ैता में कब्जेदारी के लिए संघर्ष हो चुका है। इन गांवों को प्रशासन ने संवेदनशील समझता है।