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हत्या के दोषी को उम्र कैद की सजा
kannauj, uttar pradesh, india
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:20 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : demo photo
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जिला एवं सत्र न्यायालय के अपर जिला जज प्रथम चंद्रभूषण ने हत्या के एक मामले में एक व्यक्ति को उम्र कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उसे 25 हजार रुपया जुर्माना अदा करने का भी आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल गौतम ने बताया कि घटना 7 नवंबर 2005 की शाम सात बजे की है।
ठठिया थाना क्षेत्र के भदौसी निवासी फैजुद्दीन कोल्डस्टोरेज में काम करने के बाद साइकिल से घर आ रहे थे। उसके पीछे गांव का ही रामासरे भी साइकिल से आ रहा था। भदौसी रोड नाला के पास पहुंचते ही रामदास पुत्र सुंदरलाल ने उसे रोका और साइकिल पर बैठाने के लिए कहा, जब फैजुद्दीन ने मना किया तो गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर फैजुद्दीन को पीटकर मरणासन्न कर दिया। ग्रामीण दौड़े तो हमलावर भाग निकला।
कानपुर में दूसरे दिन इलाज के दौरान फैजुद्दीन की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई शमशुद्दीन ने रामासरे और रामदास के खिलाफ थाना ठठिया में दर्ज कराई थी। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद रामासरे को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि रामदास को दोषी पाए जाने पर न्यायाधीश ने आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये की सजा सुनाई।
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ठठिया थाना क्षेत्र के भदौसी निवासी फैजुद्दीन कोल्डस्टोरेज में काम करने के बाद साइकिल से घर आ रहे थे। उसके पीछे गांव का ही रामासरे भी साइकिल से आ रहा था। भदौसी रोड नाला के पास पहुंचते ही रामदास पुत्र सुंदरलाल ने उसे रोका और साइकिल पर बैठाने के लिए कहा, जब फैजुद्दीन ने मना किया तो गालीगलौज करने लगा। विरोध करने पर फैजुद्दीन को पीटकर मरणासन्न कर दिया। ग्रामीण दौड़े तो हमलावर भाग निकला।
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कानपुर में दूसरे दिन इलाज के दौरान फैजुद्दीन की मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई शमशुद्दीन ने रामासरे और रामदास के खिलाफ थाना ठठिया में दर्ज कराई थी। अदालत में दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद रामासरे को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया, जबकि रामदास को दोषी पाए जाने पर न्यायाधीश ने आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये की सजा सुनाई।
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