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मां-पुत्रों को दहेज हत्या में आजीवन कारावास
Updated Tue, 11 Jul 2017 11:55 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। एडीजे द्वितीय कोर्ट न्यायाधीश प्रीती श्रीवास्तव ने मंगलवार को दहेज हत्या के मामले में मां व दो पुत्राें को उम्रकैद सजा सुनाई। इन पर क्रमश: छह माह की सजा और एक हजार जुर्माना, तीन वर्ष की सजा, एक हजार जुर्माना व उम्र कैद और तीन हजार जुर्माना वसूलने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद इदरीश खान ने बताया कि फर्रुखाबाद जिले के थाना मोहम्मदाबाद के करतिया गांव निवासी बृजेंद्र सिंह उर्फ मुन्नू सिंह पुत्र शिवराज सिंह कोर्ट में याचिका दायर की थी। बताया कि 24 मई 2013 को कन्नौज जिले के थाना तालग्राम के गांव कुंअरपुर कसावा निवासी राजीव उर्फ सरोज, मंजू देवी व घुल्लू ने उसकी 22 वर्षीय बेटी सोनम को दहेज की मांग पूरी न होने पर जहर देकर मार डाला। उसकी बेटी की शादी तीन साल पहले राजीव उर्फ सरोज के साथ हुई थी। तालग्राम थाने में रिपोर्ट नहीं लिखी गई। कोर्ट ने पांच फरवरी 2014 को थाने को मुकदमा लिखने का आदेश दिया। तब पुलिस ने 13 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज की।
तत्कालीन सीओ तरुण सिंह ने मामले की विवेचना करते आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। न्यायाधीश प्रीती श्रीवास्तव ने तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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विदित हो कि महिला की मौत के समय उसकी एक डेढ़ वर्षीय पुत्री भी थी, जो अभी अपने नाना वादी बृजेश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह के पास रहती है।
- घटना के करीब चार वर्ष बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
- एडीजे द्वितीय कोर्ट ने दिया फैसला, तीन धाराओं में सजा
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कन्नौज। एडीजे द्वितीय कोर्ट न्यायाधीश प्रीती श्रीवास्तव ने मंगलवार को दहेज हत्या के मामले में मां व दो पुत्राें को उम्रकैद सजा सुनाई। इन पर क्रमश: छह माह की सजा और एक हजार जुर्माना, तीन वर्ष की सजा, एक हजार जुर्माना व उम्र कैद और तीन हजार जुर्माना वसूलने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह तीनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद इदरीश खान ने बताया कि फर्रुखाबाद जिले के थाना मोहम्मदाबाद के करतिया गांव निवासी बृजेंद्र सिंह उर्फ मुन्नू सिंह पुत्र शिवराज सिंह कोर्ट में याचिका दायर की थी। बताया कि 24 मई 2013 को कन्नौज जिले के थाना तालग्राम के गांव कुंअरपुर कसावा निवासी राजीव उर्फ सरोज, मंजू देवी व घुल्लू ने उसकी 22 वर्षीय बेटी सोनम को दहेज की मांग पूरी न होने पर जहर देकर मार डाला। उसकी बेटी की शादी तीन साल पहले राजीव उर्फ सरोज के साथ हुई थी। तालग्राम थाने में रिपोर्ट नहीं लिखी गई। कोर्ट ने पांच फरवरी 2014 को थाने को मुकदमा लिखने का आदेश दिया। तब पुलिस ने 13 फरवरी 2014 को रिपोर्ट दर्ज की।
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तत्कालीन सीओ तरुण सिंह ने मामले की विवेचना करते आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किए। न्यायाधीश प्रीती श्रीवास्तव ने तीनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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विदित हो कि महिला की मौत के समय उसकी एक डेढ़ वर्षीय पुत्री भी थी, जो अभी अपने नाना वादी बृजेश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह के पास रहती है।
- घटना के करीब चार वर्ष बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
- एडीजे द्वितीय कोर्ट ने दिया फैसला, तीन धाराओं में सजा