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तीन दिन बाद भी नहीं मिल सका सतेंद्र
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तीन दिन बाद भी सतेंद्र का नहीं चला पता
- मंगलवार को गंगनहर में कूद गया था में बीएससी का छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
खडिनी। चपुन्ना निवासी बीएससी के छात्र ने तीन दिन पहले पुल से गंगनहर में छलांग लगा दी थी। पुलिस की मौजूदगी में गोताखोर लगातार गंगनहर में उसकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
चपुन्ना निवासी फौजी जुगुलकिशोर का बेटा सतेंद्र उर्फ छोटूपाल (22) डीवीएस कालेज, देईपुर में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। तीन दिन पहले वह घर से कोचिंग के लिए निकला था। दोपहर में वापस आते समय वह खडिनी पुल पर रुका और कुछ देर इधर-उधर टहलने के बाद उसने पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। साथ में मौजूद उसके साथी सुनील कुमार ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई, लेकिन वह काफी प्रयास के बाद भी उसे तलाश नहीं सका। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। सतेंद्र के परिजन रात में खडिनी पुल से और थुलरिहा पुल तक जनरेटर से रोशनी कर उसकी निगरानी कर रहे हैं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी सतेंद्र का कुछ पता नहीं चल सका।
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- मंगलवार को गंगनहर में कूद गया था में बीएससी का छात्र
अमर उजाला ब्यूरो
खडिनी। चपुन्ना निवासी बीएससी के छात्र ने तीन दिन पहले पुल से गंगनहर में छलांग लगा दी थी। पुलिस की मौजूदगी में गोताखोर लगातार गंगनहर में उसकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
चपुन्ना निवासी फौजी जुगुलकिशोर का बेटा सतेंद्र उर्फ छोटूपाल (22) डीवीएस कालेज, देईपुर में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र था। तीन दिन पहले वह घर से कोचिंग के लिए निकला था। दोपहर में वापस आते समय वह खडिनी पुल पर रुका और कुछ देर इधर-उधर टहलने के बाद उसने पुल से नहर में छलांग लगा दी थी। साथ में मौजूद उसके साथी सुनील कुमार ने उसे बचाने के लिए नहर में छलांग लगाई, लेकिन वह काफी प्रयास के बाद भी उसे तलाश नहीं सका। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश कराई गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। सतेंद्र के परिजन रात में खडिनी पुल से और थुलरिहा पुल तक जनरेटर से रोशनी कर उसकी निगरानी कर रहे हैं। तीन दिन बीत जाने के बाद भी सतेंद्र का कुछ पता नहीं चल सका।
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