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दोस्त ने की छात्र पीट-पीटकर हत्या
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नितिन कुमार (फाइल फोटो)। संवाद
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के पास स्थित निर्माणाधीन इंद्रा आवास कॉलोनी में बीएससी के छात्र की उसके ही दोस्त ने ही पीट-पीटकर हत्या कर दी। कोचिंग पढ़ने निकला छात्र दो दिन से लापता था। गुरुवार को पुलिस ने जब दोस्त को हिरासत में लिया तो उससे पूरी वारदात खुल गई। पुलिस का दावा है कि प्रेम प्रसंग में हत्या की गई है। फिलहाल पुलिस ने चार लड़कियों को भी हिरासत में लिया है, वहीं आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है।
क्षेत्र के ग्राम नगला सबसुख निवासी नितिन कुमार (19) 18 जनवरी को साइकिल से एसएससी की कोचिंग पढ़ने के लिए छिबरामऊ गया था। इसके बाद से वह नहीं लौटा। पिता उमेश चंद्र ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छात्र के परिजनों ने गांव के ही जीतू सिंह पर संदेह जाहिर किया तो गुरुवार को पुलिस ने उसे धर दबोचा। जीतू ने निर्माणाधीन इंद्रा आवास कॉलोनी में नितिन की हत्या कर शव फेंके जाने की बात कबूल की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि जिस युवती से प्रेम करता था उसके उसे छोड़कर नितिन को पसंद करना शुरू कर दिया था।
सीओ शिव कुमार थापा, कोतवाल जयप्रकाश शर्मा, एसआई विनय शर्मा, अजब सिंह ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और सौ शैया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। युवक के चेहरे व सिर पर कील लगी भारी लकड़ी से कई प्रहार किए गए थे।
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सूचना पाकर एसपी प्रशांत वर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। घटनास्थल पर पुलिस को कील लगी भारी लकड़ी भी बरामद हुई। जानकारी पाकर छात्र के परिजन सौ शैया अस्पताल पहुंच गए, जहां उसके शव को देखकर पिता अचेत हो गई। उसके शव पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
युवक की निर्माणाधीन भवन में हत्या की गई है। हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग के चलते हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।
- प्रशांत कुमार, एसपी, कन्नौज
हत्यारोपी युवक पर परिजनों को था संदेह
हत्यारोपी युवक जीतू पर छात्र के परिजनों को पहले से ही संदेह था। ग्रामीणों ने बताया कि नितिन के गायब होने के बाद जब ग्रामीणों ने जीतू को फोन किया तो उसने सभी को अलग-अलग स्थानों पर मौजूद होने की बात कही। वहीं जीतू के परिजन उसके बहन के घर कुरावली थाना क्षेत्र के ग्राम फतेह जंगपुर गांव जाने की बात बता रहे थे। ग्रामीणों ने जब जानकारी की तो जीतू के बहन के घर न जाने की बात सामने आई। इसके बाद ग्रामीणों का शक और अधिक गहरा हो गया।
मोबाइल ऑन करते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्यारोपी
परिजनों ने जब छात्र के गायब होने के बाद जीतू पर संदेह जाहिर किया तो पुलिस ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि जीतू का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। गुरुवार की दोपहर को जैसे ही जीतू ने अपना फोन ऑन किया, पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान जीतू ने पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया और नितिन के शव के निर्माणाधीन इंद्रा आवास कॉलोनी में पड़े होने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर लिया। हालांकि पूछताछ में हत्यारोपी ने तीन अलग-अलग गांव में रहने वाली लड़कियों के नाम लिए।
बिना ग्लब्स पहने उठा ली हत्या में प्रयुक्त लकड़ी
जिस लकड़ी से हमला कर नितिन कुमार को मौत के घाट उतारा गया, उस खून से सनी लकड़ी को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कर लिया। लेकिन, पुलिस की बड़ी लापरवाही उस समय सामने आई जब सिपाही ने बिना ग्लब्स पहने ही इस लकड़ी को उठा लिया। इससे लकड़ी पर से हत्यारोपी के फिंगर प्रिंट मिटने का खतरा बना रहेगा।
होनहार छात्र था नितिन
ग्रामीणों की माने तो नितिन कुमार गांव का एक होनहार छात्र था। उसने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई छिबरामऊ के हीरालाल वीएन इंटर कॉलेज से पूरी की थी। इसके बाद वह शांति देवी कोमिल सिंह महाविद्यालय से बीएएसी कर रहा था। बीएससी में यह उसका दूसरा साल था। पढ़ाई के साथ ही वह एसएससी की कोचिंग भी कर रहा था। मृतक अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर का था और अविवाहित था। उसके पिता उमेश चंद्र खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
घर से निकलने के कुछ देर बाद ही बंद हो गया था नितिन का मोबाइल
ग्राम नगला सबसुख निवासी नितिन कुमार 18 जनवरी की सुबह आठ बजे एसएससी की कोचिंग पढ़ने के लिए साइकिल से छिबरामऊ आया था। इसके बाद घर वापस नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया तो वह बंद मिला। उसका व्हाट्स ऐप भी 18 जनवरी की सुबह 10 बजकर 15 दिन के बाद से एक्टिव नहीं हुआ।
रात भर चलती रही तलाश
नितिन के गायब होने के बाद नगला सबसुख गांव के कई युवा रात भर उसकी तलाश करते रहे। युवकों ने क्षेत्र के आसपास के कई गांवों में जाकर उसकी तलाश की लेकिन उनके हाथ खाली रहे।
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क्षेत्र के ग्राम नगला सबसुख निवासी नितिन कुमार (19) 18 जनवरी को साइकिल से एसएससी की कोचिंग पढ़ने के लिए छिबरामऊ गया था। इसके बाद से वह नहीं लौटा। पिता उमेश चंद्र ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छात्र के परिजनों ने गांव के ही जीतू सिंह पर संदेह जाहिर किया तो गुरुवार को पुलिस ने उसे धर दबोचा। जीतू ने निर्माणाधीन इंद्रा आवास कॉलोनी में नितिन की हत्या कर शव फेंके जाने की बात कबूल की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि जिस युवती से प्रेम करता था उसके उसे छोड़कर नितिन को पसंद करना शुरू कर दिया था।
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सीओ शिव कुमार थापा, कोतवाल जयप्रकाश शर्मा, एसआई विनय शर्मा, अजब सिंह ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया और सौ शैया अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। युवक के चेहरे व सिर पर कील लगी भारी लकड़ी से कई प्रहार किए गए थे।
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सूचना पाकर एसपी प्रशांत वर्मा घटनास्थल पर पहुंच गए और पूरे प्रकरण की जानकारी ली। घटनास्थल पर पुलिस को कील लगी भारी लकड़ी भी बरामद हुई। जानकारी पाकर छात्र के परिजन सौ शैया अस्पताल पहुंच गए, जहां उसके शव को देखकर पिता अचेत हो गई। उसके शव पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
युवक की निर्माणाधीन भवन में हत्या की गई है। हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रथम दृष्टया प्रेम प्रसंग के चलते हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस गंभीरता से मामले की जांच कर रही है।
- प्रशांत कुमार, एसपी, कन्नौज
हत्यारोपी युवक पर परिजनों को था संदेह
हत्यारोपी युवक जीतू पर छात्र के परिजनों को पहले से ही संदेह था। ग्रामीणों ने बताया कि नितिन के गायब होने के बाद जब ग्रामीणों ने जीतू को फोन किया तो उसने सभी को अलग-अलग स्थानों पर मौजूद होने की बात कही। वहीं जीतू के परिजन उसके बहन के घर कुरावली थाना क्षेत्र के ग्राम फतेह जंगपुर गांव जाने की बात बता रहे थे। ग्रामीणों ने जब जानकारी की तो जीतू के बहन के घर न जाने की बात सामने आई। इसके बाद ग्रामीणों का शक और अधिक गहरा हो गया।
मोबाइल ऑन करते ही पुलिस के हत्थे चढ़ा हत्यारोपी
परिजनों ने जब छात्र के गायब होने के बाद जीतू पर संदेह जाहिर किया तो पुलिस ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया। हालांकि जीतू का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। इसके बाद पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया। गुरुवार की दोपहर को जैसे ही जीतू ने अपना फोन ऑन किया, पुलिस ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान जीतू ने पूरे रहस्य से पर्दा उठा दिया और नितिन के शव के निर्माणाधीन इंद्रा आवास कॉलोनी में पड़े होने की बात कबूल की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर लिया। हालांकि पूछताछ में हत्यारोपी ने तीन अलग-अलग गांव में रहने वाली लड़कियों के नाम लिए।
बिना ग्लब्स पहने उठा ली हत्या में प्रयुक्त लकड़ी
जिस लकड़ी से हमला कर नितिन कुमार को मौत के घाट उतारा गया, उस खून से सनी लकड़ी को पुलिस ने घटनास्थल से बरामद कर लिया। लेकिन, पुलिस की बड़ी लापरवाही उस समय सामने आई जब सिपाही ने बिना ग्लब्स पहने ही इस लकड़ी को उठा लिया। इससे लकड़ी पर से हत्यारोपी के फिंगर प्रिंट मिटने का खतरा बना रहेगा।
होनहार छात्र था नितिन
ग्रामीणों की माने तो नितिन कुमार गांव का एक होनहार छात्र था। उसने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई छिबरामऊ के हीरालाल वीएन इंटर कॉलेज से पूरी की थी। इसके बाद वह शांति देवी कोमिल सिंह महाविद्यालय से बीएएसी कर रहा था। बीएससी में यह उसका दूसरा साल था। पढ़ाई के साथ ही वह एसएससी की कोचिंग भी कर रहा था। मृतक अपने पांच भाइयों में चौथे नंबर का था और अविवाहित था। उसके पिता उमेश चंद्र खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
घर से निकलने के कुछ देर बाद ही बंद हो गया था नितिन का मोबाइल
ग्राम नगला सबसुख निवासी नितिन कुमार 18 जनवरी की सुबह आठ बजे एसएससी की कोचिंग पढ़ने के लिए साइकिल से छिबरामऊ आया था। इसके बाद घर वापस नहीं पहुंचा। परिजनों ने उसके मोबाइल पर फोन कर संपर्क करने का प्रयास किया तो वह बंद मिला। उसका व्हाट्स ऐप भी 18 जनवरी की सुबह 10 बजकर 15 दिन के बाद से एक्टिव नहीं हुआ।
रात भर चलती रही तलाश
नितिन के गायब होने के बाद नगला सबसुख गांव के कई युवा रात भर उसकी तलाश करते रहे। युवकों ने क्षेत्र के आसपास के कई गांवों में जाकर उसकी तलाश की लेकिन उनके हाथ खाली रहे।