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धर्मांतरण : दक्षिण भारत की मिशनरी का हाथ, गुरुग्राम से थी फंडिंग
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तिर्वा (कन्नौज)। धर्मांतरण मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया है। इसके बाद भी नई कड़ियां सामने आ रही हैं। आरोपी दक्षिण भारत की एक मिशनरी से जुड़े हैं और उसकी एक शाखा गुरुग्राम में भी है। जांच में पता चला कि गुरुग्राम से ही फंडिंग हो रही थी और धर्मांतरण के लिए सामग्री भी वहीं से उपलब्ध कराई जा रही थी। कई लोग भी दक्षिण भारत और गुरुग्राम से यहां आकर भ्रमण कर चुके थे।
ठठिया थाना क्षेत्र के करसाह गांव में पकड़े गए धर्मांतरण मामले में अब बड़ा नेटवर्क सामने आता जा रहा है। बजरंग दल के विरोध तथा हंगामे के बाद खुले इस प्रकरण की जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरोपी पन्नालाल, विद्यासागर और उमाशंकर से लगातार पूछताछ की जा रही है जिसमें धर्मांतरण के लिए दी जाने वाली सुविधाओं, फंडिंग के स्रोत और नेटवर्क के विस्तार का खुलासा हो रहा है।
सीओ ने बताया कि आरोपी लोगों को उनकी जरूरतों के हिसाब से प्रलोभन देते थे। सिलाई मशीन, किसी को हैंडपंप, तो किसी को घरेलू सामान और नकदी प्रदान कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। कई ग्रामीणों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने का फायदा उठाकर विश्वास में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए गुरुग्राम से लगातार फंडिंग की जा रही थी। आरोपी नियमित रूप से कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित नवकांति सोसाइटी में प्रशिक्षण लेने जाते थे।
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वहीं से धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़ी मशीनरी, साहित्य और अन्य सामान लाए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया, लोगों से संपर्क बढ़ाने के तरीके और उन्हें प्रभावित करने के साधन सिखाए जाते थे। सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फंडिंग की वास्तविक सच्चाई तक पहुंचने के लिए आरोपियों के बैंक खातों की जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क आसपास के कितने गांवों और जिलों में सक्रिय था।
-वर्जन-
धर्मांतरण मामले में पुलिस को कई सुबूत हाथ लगे हैं। आरोपियों का दक्षिण भारत की ईसाई मिशनरियों और गुरुग्राम शाखा से कनेक्शन है। इंग्लैंड से तार जुड़ने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक
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ठठिया थाना क्षेत्र के करसाह गांव में पकड़े गए धर्मांतरण मामले में अब बड़ा नेटवर्क सामने आता जा रहा है। बजरंग दल के विरोध तथा हंगामे के बाद खुले इस प्रकरण की जांच में पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। सीओ तिर्वा कुलवीर सिंह के नेतृत्व में मुख्य आरोपी पन्नालाल, विद्यासागर और उमाशंकर से लगातार पूछताछ की जा रही है जिसमें धर्मांतरण के लिए दी जाने वाली सुविधाओं, फंडिंग के स्रोत और नेटवर्क के विस्तार का खुलासा हो रहा है।
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सीओ ने बताया कि आरोपी लोगों को उनकी जरूरतों के हिसाब से प्रलोभन देते थे। सिलाई मशीन, किसी को हैंडपंप, तो किसी को घरेलू सामान और नकदी प्रदान कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। कई ग्रामीणों को आर्थिक स्थिति कमजोर होने का फायदा उठाकर विश्वास में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए गुरुग्राम से लगातार फंडिंग की जा रही थी। आरोपी नियमित रूप से कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित नवकांति सोसाइटी में प्रशिक्षण लेने जाते थे।
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वहीं से धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़ी मशीनरी, साहित्य और अन्य सामान लाए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया, लोगों से संपर्क बढ़ाने के तरीके और उन्हें प्रभावित करने के साधन सिखाए जाते थे। सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। फंडिंग की वास्तविक सच्चाई तक पहुंचने के लिए आरोपियों के बैंक खातों की जांच कराई जाएगी। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह नेटवर्क आसपास के कितने गांवों और जिलों में सक्रिय था।
-वर्जन-
धर्मांतरण मामले में पुलिस को कई सुबूत हाथ लगे हैं। आरोपियों का दक्षिण भारत की ईसाई मिशनरियों और गुरुग्राम शाखा से कनेक्शन है। इंग्लैंड से तार जुड़ने के साक्ष्य नहीं मिले हैं। जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
-विनोद कुमार, पुलिस अधीक्षक