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Kannauj News: भूमि विवाद में फंसा रोडवेज बस अड्डे का निर्माण
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरसहायगंज । लंबे इंतजार और जद्दोजहद के बाद शुरू हुआ रोजडवेज बस स्टैंड का निर्माण जमीनी विवाद में उलझकर ठप पड़ गया है। आसपास के कई लोगों ने इसकी जमीन पर अपना दावा जता दिया है। सेना ने भी 70 मीटर लंबी बाउंड्रीवाॅल को यह कहकर गिरवा दिया कि यह जमीन उनकी है। विभाग की ओर से भी आगे के निर्माण के लिए बजट जारी नहीं हुआ है।
दरअसल गुरसहायगंज में रोडवेज बस अड्डा न होने से लोगों को परेशानी होती है। जनता की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसके निर्माण की योजना बनाई गई थी। राजस्व विभाग ने मोहल्ला गोपाल नगर में करीब एक एकड़ जमीन की नाप कर उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम को बस अड्डा निर्माण के लिए सौंप दिया था। इसके बाद शासन ने इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 64 लाख रुपये मंजूर किया था।
वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री ने इसका वर्चुअल शिलान्यास किया था। एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य था। इसके बाद बस अड्डे के निर्माण का कार्य शुरू किया गया। कार्यालय कैंटीन और टिकट घर का ढांचा खड़ा किया गया। लेकिन बजट के अभाव में काम रफ्तार नहीं पकड़ सका।लेकिन कई लोग उसमें अपनी जमीन बता रहे हैं। धीरे-धीरे कर तीन साल हो गया है। काम पूरी तरह से ठप है।
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बजट न मिलने से पहले ठेकेदार ने काम छोड़ा, दूसरे को भी परेशानी
बजट न मिलने से पहले ठेकेदार ने काम छोड़ दिया। इसके बाद इसका टेंडर भोलेपुर फतेहगढ़ निवासी ठेकेदार शिशु प्रताप सिंह के नाम किया गया। शिशु प्रताप ने बताया कि राजस्व विभाग ने रोडवेज बस स्टैंड के लिए जो जगह दी है उस पर कई लोग अपना दावा कर रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार ने बताया कि निर्माण कार्य में बजट न मिलने से भी परेशानी हो रही है। चार करोड़ 64 लाख में अभी तक सिर्फ दो करोड़ 64 लाख रुपये ही मिले हैं।
सेना ने ढहा दी 70 मीटर लंबी बाउंड्री
रोडवेज बस स्टैंड की जमीन पर सिख रेजीमेंट फतेहगढ़ ने अपना दावा जताया है। बस अड्डे की सुरक्षा के लिए बनाई गई करीब 70 मीटर लंबी बाउंड्री वॉल को करीब एक महीने पहले सेना के जवानों ने जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। भविष्य में उस जमीन पर बाउंड्री न बनाने की चेतावनी दी है।
रास्ते पर आसपास के लोगों का दावा
पास में ही शंभू दयाल गुप्ता की जमीन पर पहुंचने के लिए रास्ता बंद किए जाने से उन्होंने भी बाउंड्री के निर्माण पर रोक लगाई। बताया कि चकरोड के माध्यम से उनके खेत तक पहुंचने का रास्ता था, जिसे अब बस अड्डे की जगह में शामिल कर लिया गया। इससे उन्हें अपनी जमीन तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
रोडवेज के अफसर बोले, जमीन की पैमाइश कराई जाएगी
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम इटावा क्षेत्र के आरएम परशुराम पांडे ने इस बारे में बताया सेना ने जमीन पर अपना दावा किया है और एक अन्य लोगों ने भी। बस स्टैंड की जगह की पैमाइश के लिए अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इसके अलावा बजट भी जल्द ही भेजा जाएगा, जिससे बस अड्डे का निर्माण पूरा हो सके।
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गुरसहायगंज । लंबे इंतजार और जद्दोजहद के बाद शुरू हुआ रोजडवेज बस स्टैंड का निर्माण जमीनी विवाद में उलझकर ठप पड़ गया है। आसपास के कई लोगों ने इसकी जमीन पर अपना दावा जता दिया है। सेना ने भी 70 मीटर लंबी बाउंड्रीवाॅल को यह कहकर गिरवा दिया कि यह जमीन उनकी है। विभाग की ओर से भी आगे के निर्माण के लिए बजट जारी नहीं हुआ है।
दरअसल गुरसहायगंज में रोडवेज बस अड्डा न होने से लोगों को परेशानी होती है। जनता की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसके निर्माण की योजना बनाई गई थी। राजस्व विभाग ने मोहल्ला गोपाल नगर में करीब एक एकड़ जमीन की नाप कर उत्तर प्रदेश राज्य परिवहन निगम को बस अड्डा निर्माण के लिए सौंप दिया था। इसके बाद शासन ने इसके निर्माण के लिए चार करोड़ 64 लाख रुपये मंजूर किया था।
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वर्ष 2020 में मुख्यमंत्री ने इसका वर्चुअल शिलान्यास किया था। एक साल में काम पूरा करने का लक्ष्य था। इसके बाद बस अड्डे के निर्माण का कार्य शुरू किया गया। कार्यालय कैंटीन और टिकट घर का ढांचा खड़ा किया गया। लेकिन बजट के अभाव में काम रफ्तार नहीं पकड़ सका।लेकिन कई लोग उसमें अपनी जमीन बता रहे हैं। धीरे-धीरे कर तीन साल हो गया है। काम पूरी तरह से ठप है।
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बजट न मिलने से पहले ठेकेदार ने काम छोड़ा, दूसरे को भी परेशानी
बजट न मिलने से पहले ठेकेदार ने काम छोड़ दिया। इसके बाद इसका टेंडर भोलेपुर फतेहगढ़ निवासी ठेकेदार शिशु प्रताप सिंह के नाम किया गया। शिशु प्रताप ने बताया कि राजस्व विभाग ने रोडवेज बस स्टैंड के लिए जो जगह दी है उस पर कई लोग अपना दावा कर रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार ने बताया कि निर्माण कार्य में बजट न मिलने से भी परेशानी हो रही है। चार करोड़ 64 लाख में अभी तक सिर्फ दो करोड़ 64 लाख रुपये ही मिले हैं।
सेना ने ढहा दी 70 मीटर लंबी बाउंड्री
रोडवेज बस स्टैंड की जमीन पर सिख रेजीमेंट फतेहगढ़ ने अपना दावा जताया है। बस अड्डे की सुरक्षा के लिए बनाई गई करीब 70 मीटर लंबी बाउंड्री वॉल को करीब एक महीने पहले सेना के जवानों ने जेसीबी मशीन से तोड़ दिया। भविष्य में उस जमीन पर बाउंड्री न बनाने की चेतावनी दी है।
रास्ते पर आसपास के लोगों का दावा
पास में ही शंभू दयाल गुप्ता की जमीन पर पहुंचने के लिए रास्ता बंद किए जाने से उन्होंने भी बाउंड्री के निर्माण पर रोक लगाई। बताया कि चकरोड के माध्यम से उनके खेत तक पहुंचने का रास्ता था, जिसे अब बस अड्डे की जगह में शामिल कर लिया गया। इससे उन्हें अपनी जमीन तक पहुंचने में परेशानी हो रही है।
रोडवेज के अफसर बोले, जमीन की पैमाइश कराई जाएगी
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम इटावा क्षेत्र के आरएम परशुराम पांडे ने इस बारे में बताया सेना ने जमीन पर अपना दावा किया है और एक अन्य लोगों ने भी। बस स्टैंड की जगह की पैमाइश के लिए अधिकारियों को पत्र भेजे गए हैं। इसके अलावा बजट भी जल्द ही भेजा जाएगा, जिससे बस अड्डे का निर्माण पूरा हो सके।