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Kannauj News: सहकारी समिति कर्मचारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
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जलालाबाद। उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ की अपील पर 22 अक्तूबर यानी गुरुवार से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन कलम बंद हड़ताल शुरू हो रही है। जिले की सभी सहकारी समितियों के कर्मचारी लखनऊ के ईको गार्डन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। मांगें पूरी न होने तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रखने का ऐलान किया गया है।
संघ के जिला उपाध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि हड़ताल को लेकर पूरी तैयारी है। जिले के सभी सचिव, आंकिक और सहयोगी कर्मचारी आज सुबह सात बजे निजी वाहनों से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर शासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, नियमितीकरण, वेतनमान में बढ़ोतरी, सेवा सुरक्षा और मृतक आश्रित को नौकरी शामिल है।
कहा कि समितियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। हड़ताल के चलते जिले की सभी साधन सहकारी समितियों पर ताला लटका रहेगा। इससे खाद-बीज वितरण, ऋण वसूली और किसानों से जुड़े अन्य कार्य ठप हो जाएंगे। त्योहारी सीजन में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन देकर मांगें पूरी नहीं करती, तब तक ईको गार्डन में धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा।
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संघ के जिला उपाध्यक्ष अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि हड़ताल को लेकर पूरी तैयारी है। जिले के सभी सचिव, आंकिक और सहयोगी कर्मचारी आज सुबह सात बजे निजी वाहनों से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर शासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। मजबूरन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ रहा है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगति दूर करना, नियमितीकरण, वेतनमान में बढ़ोतरी, सेवा सुरक्षा और मृतक आश्रित को नौकरी शामिल है।
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कहा कि समितियों पर काम का बोझ लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिल रहा। हड़ताल के चलते जिले की सभी साधन सहकारी समितियों पर ताला लटका रहेगा। इससे खाद-बीज वितरण, ऋण वसूली और किसानों से जुड़े अन्य कार्य ठप हो जाएंगे। त्योहारी सीजन में किसानों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार लिखित आश्वासन देकर मांगें पूरी नहीं करती, तब तक ईको गार्डन में धरना और आमरण अनशन जारी रहेगा।
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