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Kannauj News: तालाब से होकर स्कूल जाते नगला पिम्मी गांव के बच्चे

Tue, 28 Jul 2026 12:32 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 12:32 AM IST
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Children from Nagla Pimmi village going to school via the pond.
फोटो :38: कीचड़ में तब्दील सड़क। संवाद
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फोटो :39: प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद

-प्रधान पर सड़क निर्माण के नाम पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप, प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
हसेरन। विकासखंड सौरिख की ग्राम पंचायत किसई के मजरा नगला पिम्मी में आजादी के दशकों बाद भी सड़क निर्माण न होने से ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार को सड़क और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से क्षुब्ध महिलाओं, पुरुषों और स्कूली बच्चों ने गांव में एकत्र होकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने प्रधान पर सड़क बनवाने के नाम पर सुविधा मांगने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव तक पहुंचने के लिए आज तक कोई पक्का संपर्क मार्ग नहीं बन सका है। बारिश के दिनों में पूरा रास्ता कीचड़ और गहरे जलभराव में तब्दील हो जाता है। ऐसे में स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर तालाब के किनारे से होकर गुजरना पड़ता है। हाल ही में रास्ते की बदहाली के कारण कुछ बच्चे फिसलकर तालाब में गिर गए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने बमुश्किल बाहर निकाला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। आरोप है कि ग्राम प्रधान से जब सड़क बनवाने की गुहार लगाई गई तो उन्होंने सुविधा शुल्क की मांग की। ग्रामीणों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि दूसरे मोहल्ले में आधी सड़क का निर्माण करा दिया गया, जबकि नगला पिम्मी को उपेक्षित छोड़ दिया गया। प्रदर्शन के दौरान दीपू, रोशन, गोविंद, पिंटू, गुड्डू लाल, राम स्नेही, रामसेवक, मंटू, रवेंद्र, पिंकू, सतेंद्र, हरिचंद्र, महेंद्र, शिवानी, आरती, सुनीता, गीता, रीना, भारती, सुशीला समेत भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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इनसेट
पूरे गांव में महज एक हैंडपंप, दूभर हुआ जीवन
सड़क ही नहीं, पीने के पानी का भी संकट गहराया हुआ है। पूरे गांव में पेयजल के लिए महज एक हैंडपंप है, जिस पर पूरा गांव निर्भर है। महिलाओं ने कहा कि बरसात में घर से निकलना दुश्वार हो जाता है। अगर कोई बीमार पड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाना और बच्चों को स्कूल भेजना किसी चुनौती से कम नहीं है।
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इनसेट
वर्जन
बीडीओ मनोज पोरवाल ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि किसी जनप्रतिनिधि या अन्य व्यक्ति ने विकास कार्य के नाम पर सुविधा शुल्क की मांग की गई है तो इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कहा कि नगला पिम्मी गांव में सड़क समेत अन्य मूलभूत समस्याओं की भी जांच कराकर उनके निराकरण कराया जाएगा।
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