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Kannauj News: मदरसे के बड़े छात्रों की पिटाई से भागा बालक
Wed, 13 Sep 2023 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
Updated Wed, 13 Sep 2023 12:19 AM IST
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कन्नौज। कानपुर के एक मदरसे में पढ़ने वाले बड़ी उम्र की बच्चों की पिटाई से परेशान एक बालक भाग गया। उसे लखनऊ से आने वाली पैसेंजर में अकेला बैठा देखकर जीआरपी ने पूछताछ की। उसके बताए पते पर जानकारी कर परिजनों को बुलाकर सौंप दिया गया।
बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह 11बजे लखनऊ पैसेंजर में 10 वर्षीय एक बालक अकेला दिखा। इस पर जीआरपी ने उसे स्टेशन पर उतार लिया। रेलवे चाइल्ड लाइन में कार्यरत बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर ने बच्चे को पहले दिलासा दिया। उसके बाद उससे उसकी जानकारी की। बच्चे ने अपना नाम अजहर और पिता का नाम आफताब, माता का नाम शाहीन बताया। खुद को कानपुर के दलेलपुरवा डिप्टी पड़ाव निवासी बताया। उसने बताया कि वो नई सड़क स्थित आवासीय मदरसा अहसानुल मदारिस कदीम में पढ़ता है। बताया कि मदरसा के अन्य बड़े बच्चे अक्सर उसकी पिटाई करते हैं। इसी वजह से वो मदरसा से भाग निकला और कानपुर में ट्रेन पर सवार हो गया। जीआरपी से मिली जानकारी के तहत जिला प्रोबेशन अधिकारी इरा आर्या ने मदरसा के नाम की खोज जिला अल्पसंख्यक अधिकारी कानपुर नगर से की। उसके बाद मदरसा और बालक के माता-पिता से फोन से बात की। परिजनों को बुलाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चे को पेश किया और माता शाहीन और साथ में आए उसके मामा को बालक को सुपुर्द कर दिया गया। आगे की कार्रवाई के लिए बच्चे की सूचना बाल कल्याण समिति कानपुर नगर और मदरसा व और वहां के अन्य मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानपुर के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को चिट्ठी भेजी। इस पूरी कार्रवाई में जीआरपी कन्नौज के काउंसलर अजीत राठौर और आउटरीच अविनाश चतुर्वेदी की मुख्य भूमिका रही।
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बताया जा रहा है कि मंगलवार की सुबह 11बजे लखनऊ पैसेंजर में 10 वर्षीय एक बालक अकेला दिखा। इस पर जीआरपी ने उसे स्टेशन पर उतार लिया। रेलवे चाइल्ड लाइन में कार्यरत बाल संरक्षण इकाई के काउंसलर ने बच्चे को पहले दिलासा दिया। उसके बाद उससे उसकी जानकारी की। बच्चे ने अपना नाम अजहर और पिता का नाम आफताब, माता का नाम शाहीन बताया। खुद को कानपुर के दलेलपुरवा डिप्टी पड़ाव निवासी बताया। उसने बताया कि वो नई सड़क स्थित आवासीय मदरसा अहसानुल मदारिस कदीम में पढ़ता है। बताया कि मदरसा के अन्य बड़े बच्चे अक्सर उसकी पिटाई करते हैं। इसी वजह से वो मदरसा से भाग निकला और कानपुर में ट्रेन पर सवार हो गया। जीआरपी से मिली जानकारी के तहत जिला प्रोबेशन अधिकारी इरा आर्या ने मदरसा के नाम की खोज जिला अल्पसंख्यक अधिकारी कानपुर नगर से की। उसके बाद मदरसा और बालक के माता-पिता से फोन से बात की। परिजनों को बुलाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चे को पेश किया और माता शाहीन और साथ में आए उसके मामा को बालक को सुपुर्द कर दिया गया। आगे की कार्रवाई के लिए बच्चे की सूचना बाल कल्याण समिति कानपुर नगर और मदरसा व और वहां के अन्य मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कानपुर के जिला अल्पसंख्यक अधिकारी को चिट्ठी भेजी। इस पूरी कार्रवाई में जीआरपी कन्नौज के काउंसलर अजीत राठौर और आउटरीच अविनाश चतुर्वेदी की मुख्य भूमिका रही।
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