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मुख्यमंत्री का फरमान बेअसर, निर्माण धीमा, तय समय सीमा के छह माह बाद भी पूरा नहीं हो सका काम
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निर्माणाधीन 50 शय्या मैटरनिटी विंग।
- फोटो : CHIBRAMAU
छिबरामऊ (कन्नौज)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फरमान के बाद भी 50 शय्या महिला अस्पताल का कार्य गति नहीं पकड़ सका। तय समय सीमा के छह माह बाद भी काम धीमा है।
भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय ने 50 शय्या महिला अस्पताल मंजूर कराया था। भवन निर्माण का ठेका उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कानपुर को दिया गया। पांच करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये का बजट है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को 27 मई 2021 का समय दिया गया था। निर्माण की गति बेहद धीमी है। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने 26 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में इसकी शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने तेजी दिखाई। तय समय सीमा में काम पूरा करने का आश्वासन दिया। बाद में काम फिर सुस्त हो गया। इलाकाई लोगों का आरोप है कि निर्माण में पुरानी व सेम (कम गुणवत्ता वाली) ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। अस्पताल का निर्माण कब पूरा होगा, इसका कार्यदायी संस्था के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है।
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ठेका बदले तो छह माह में बन जाएगा अस्पताल
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कानपुर के अवर अभियंता रवींद्र कुमार का कहना है कि ठेका को बदलवाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने काफी प्रयास किए। इनकी बात नहीं सुनी गई। ठेकेदार की पहुंच ऊंची होने के कारण काम में देरी हो रही है। अगर ठेका बदल जाए तो छह माह के अंदर अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाएगा।
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भाजपा की सरकार बनने के बाद तत्कालीन राज्यमंत्री व विधायक अर्चना पांडेय ने 50 शय्या महिला अस्पताल मंजूर कराया था। भवन निर्माण का ठेका उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कानपुर को दिया गया। पांच करोड़ 62 लाख 38 हजार रुपये का बजट है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को 27 मई 2021 का समय दिया गया था। निर्माण की गति बेहद धीमी है। पूर्व राज्यमंत्री अर्चना पांडेय ने 26 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में इसकी शिकायत की थी।
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मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था के जिम्मेदारों पर मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद कार्यदायी संस्था ने तेजी दिखाई। तय समय सीमा में काम पूरा करने का आश्वासन दिया। बाद में काम फिर सुस्त हो गया। इलाकाई लोगों का आरोप है कि निर्माण में पुरानी व सेम (कम गुणवत्ता वाली) ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। अस्पताल का निर्माण कब पूरा होगा, इसका कार्यदायी संस्था के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है।
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ठेका बदले तो छह माह में बन जाएगा अस्पताल
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड कानपुर के अवर अभियंता रवींद्र कुमार का कहना है कि ठेका को बदलवाने के लिए विभाग के अधिकारियों ने काफी प्रयास किए। इनकी बात नहीं सुनी गई। ठेकेदार की पहुंच ऊंची होने के कारण काम में देरी हो रही है। अगर ठेका बदल जाए तो छह माह के अंदर अस्पताल का निर्माण पूरा हो जाएगा।